डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 96.18 पर पहुंचा: कच्चा तेल भी 2% बढ़कर 110 डॉलर के पार​

मुंबई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आज सोमवार 18 मई को भारतीय रुपए में रिकॉर्ड गिरावट है। डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे कमजोर होकर 96.18 पर पहुंच गया। कच्चा तेल भी 2% बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है।

डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 96.18 पर पहुंचा: कच्चा तेल भी 2% बढ़कर 110 डॉलर के पार​

मिडिल ईस्ट के तनाव का असर शेयर बाजार पर भी दिख रहा है। सेंसेक्स 1000 अंक गिरकर 74,200 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी 300 अंक नीचे है, ये 23,300 के करीब आ गया है। सरकारी बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है।

सपोर्ट जोन: 23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,780 | 22,558

सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है।

रेजिस्टेंस जोन: 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382 | 24,450

रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है।

सेंसेक्स

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि सेंसेक्स अभी 75,200 से 75,300 के जोन के आसपास है। यह दिखाता है कि लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितता और बाजार के उतारचढ़ाव वाले माहौल के बीच बाजार धीरेधीरे और संभलकर रिकवरी करने की कोशिश कर रहा है।

बाजार के लिए तुरंत का रेजिस्टेंस 75,600 से 76,000 के दायरे में है, जबकि मजबूत सपोर्ट 74,500 से 74,200 के जोन के आसपास दिख रहा है। बाजार अब किसी भी तरफ एक बड़ा ब्रेकआउट देगा, तभी आगे के लिए बाजार की असली चाल तय होगी।

निफ्टी 50

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि अगर बाजार ऊपर की तरफ जाता है, तो इसके लिए इमिडिएट रेजिस्टेंस 24,000 और 24,250 पर रहेगा। वहीं अगर बाजार नीचे गिरता है, तो इसे 23,250 और 23,000 पर सपोर्ट मिल सकता है।

अगर निफ्टी 23,000 का स्तर तोड़ता है, तो बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है। बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे अनुशासन में रहें और इस उतारचढ़ाव के बीच सख्त स्टॉपलॉस स्ट्रैटेजी का पालन करें।

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