योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला : उत्तर प्रदेश में मेट्रो, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी​

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है । सरकार ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने और युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों को स्वीकृति दी है । कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों का विभागवार विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला : उत्तर प्रदेश में मेट्रो, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी​
  1. ऊर्जा विभाग: मीरजापुर में ₹2799.47 करोड़ का नया पावर हब

प्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने और नई तापीय व पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं से उत्पादित होने वाली बिजली की सुचारू सप्लाई के लिए मीरजापुर में 765/400 केवी क्षमता का विशाल पूलिंग उपकेन्द्र और पारेषण लाइनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत ₹2799.47 करोड़ है। इसमें से ₹1315.91 करोड़ सबस्टेशन के निर्माण पर और ₹1483.56 करोड़ ट्रांसमिशन लाइनों पर खर्च होंगे। इसे एक साझा सार्वजनिक अवसंरचना के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे आम जनता और उद्योगों को बिना रुकावट गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी। इससे क्षेत्र में निजी निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

  1. लोहिया संस्थान, लखनऊ: बनेगा 1010 बेड का मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर

राजधानी लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नए परिसर में चिकित्सा सुविधाओं के अभूतपूर्व विस्तार को मंजूरी मिल गई है। इस भव्य निर्माण कार्य के लिए ₹85,504.34 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है। इस राशि से परिसर में 1010 बेड का अत्याधुनिक मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर अस्पताल, एक नवीन ओ.पी.डी. ब्लॉक और 200 सीटों की क्षमता वाला नया टीचिंग ब्लॉक बनाया जाएगा। इससे गंभीर मरीजों को विश्वस्तरीय आपातकालीन इलाज मिलेगा और चिकित्सा छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध होगा।

  1. चिकित्सा शिक्षा: प्रयागराज स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल का विस्तार

प्रयागराज मण्डल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल ‘स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय’ में मरीजों के भारी दबाव को देखते हुए इसके विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित पूल्ड हाउसिंग की 31,314 वर्गमीटर भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम स्थानांतरित करने का फैसला किया है। यह जमीन मात्र ₹1.00 वार्षिक किराये की बेहद रियायती दर पर 90 वर्षों के पट्टे पर दी जाएगी। इस फैसले से प्रयागराज के साथसाथ प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, कौशाम्बी, फतेहपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, भदोही, बांदा और चित्रकूट जैसे पड़ोसी जिलों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

  1. आगरा मेट्रो: कॉरिडोर2 के लिए निःशुल्क नजूल भूमि आवंटित

आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत कॉरिडोर2 के निर्माण को गति देने के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है। इसके लिए तहसील सदर के अंतर्गत क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय परिसर के पार्क की 550 वर्गमीटर रिक्त नजूल भूमि को चिन्हित किया गया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को यह भूमि आवश्यक शर्तों के साथ निःशुल्क आवंटित की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सर्किल दर पर दी गई यह छूट एक अपवाद है और इसे भविष्य में नजीर नहीं माना जाएगा।

  1. लखनऊ मेट्रो: फेज1बी ईस्टवेस्ट कॉरिडोर के लिए त्रिपक्षीय MoU को मंजूरी

राजधानी लखनऊ में मेट्रो के दूसरे चरण यानी ईस्टवेस्ट कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा इस प्रोजेक्ट के लिए ₹5801.05 करोड़ की कुल लागत को पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है। अब इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और यूपीएमआरसीएल के बीच होने वाले त्रिपक्षीय समझौते के मसौदे को कैबिनेट ने अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

  1. पशुधन विभाग: पशु चिकित्सा छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता तीन गुना बढ़ा

पशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा में जुटे पशु चिकित्सा के छात्रों को योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। राज्य के पशु चिकित्सा महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता ₹4,000 प्रति माह से सीधे बढ़ाकर ₹12,000 प्रति माह करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। इसका लाभ मथुरा के पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, अयोध्या के आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय और मेरठ के सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों को मिलेगा। इससे सरकार पर ₹4.20 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा।

  1. पंचायती राज: त्रिस्तरीय ग्रामीण निकायों के लिए ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ का गठन

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में अन्य पिछड़ा वर्ग को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व देने जा रही है। इसके लिए ‘उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ का गठन किया जाएगा, जो ग्रामीण निकायों में पिछड़ेपन की स्थिति की जांच करेगा। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यह आरक्षण कुल पदों के 27 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। इस 5सदस्यीय आयोग के अध्यक्ष हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे और इसका कार्यकाल 6 महीने का होगा।

  1. उच्च शिक्षा: मीरजापुर के चुनार में खुलेगी ‘सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी’

उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अंतर्गत राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए मीरजापुर के चुनार में ‘सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी’ की स्थापना की जाएगी। यह विश्वविद्यालय कुल 50.45 एकड़ भूमि पर ग्रामीण क्षेत्र में बनेगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर कैबिनेट ने इसकी प्रायोजक संस्था को आशयपत्र जारी करने की मंजूरी दे दी है।

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