देश की जानीमानी नॉनबैंकिंग फाइनेंस कंपनी मुथूट फिनकॉर्प जल्द ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग लाने जा रही है. कंपनी के बोर्ड ने 4,000 करोड़ रुपये तक के इस मेगा इश्यू को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. यह पूरा इश्यू फ्रेश इक्विटी शेयरों के जरिए बाजार में उतरेगा. निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि इसके जरिए उन्हें एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड वाली कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का सीधा मौका मिल सकता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। हालांकि, बाजार में इसके उतरने से पहले नियामक और कंपनी के शेयरधारकों की अंतिम मुहर लगनी अभी बाकी है.

छोटे निवेशकों के लिए सस्ता हुआ शेयर
आईपीओ लाने के साथसाथ मुथूट फिनकॉर्प ने एक बड़ा दांव चला है. कंपनी ने अपने शेयरों के बंटवारे यानी स्टॉक स्प्लिट का ऐलान किया है. वर्तमान में कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है, जिसे भविष्य में पांच हिस्सों में बांटा जाएगा. स्प्लिट होने के बाद हर नए शेयर की फेस वैल्यू महज 2 रुपये रह जाएगी. बाजार के नजरिए से समझें तो जब भी कोई कंपनी अपने शेयर की कीमत को आम निवेशकों की पहुंच में लाना चाहती है, तो वह स्टॉक स्प्लिट का रास्ता अपनाती है. इस कदम से शेयर की तरलता बढ़ती है. कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में जरूरी बदलाव करके इसे जल्द लागू करेगी.
फंड जुटाने का मेगा ब्लूप्रिंट
मुथूट फिनकॉर्प का विजन सिर्फ आईपीओ तक सीमित नहीं है. कारोबार के विस्तार के लिए कंपनी ने फंड जुटाने के कई दूसरे रास्ते भी तैयार किए हैं. बोर्ड ने 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 के बीच पब्लिक इश्यू के माध्यम से 4,000 करोड़ रुपये तक के नॉनकन्वर्टिबल डिबेंचर जारी करने की अनुमति दी है. इतना ही नहीं, प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए भी अलग से 4,000 करोड़ रुपये जुटाने की रूपरेखा तैयार की गई है. इसके अलावा कंपनी को कुल 30,000 करोड़ रुपये तक के कमर्शियल पेपर्स जारी करने की भी हरी झंडी मिल गई है. बाजार की जरूरत के हिसाब से सिक्योरिटीज जारी करने का यह अधिकार कंपनी की स्टॉक अलॉटमेंट कमिटी को सौंपा गया है.
मजबूत बैलेंस शीट ने बढ़ाया भरोसा
निवेशक हमेशा किसी भी कंपनी के वित्तीय सेहत को देखकर ही पैसा लगाते हैं. मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष में मुथूट फिनकॉर्प ने बेहद शानदार आंकड़े पेश किए हैं. कंपनी के एसेट अंडर मैनेजमेंट में जबरदस्त उछाल आया है, जो बढ़कर 56,185.10 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. वहीं, चौथी तिमाही के नतीजे और भी उत्साहित करने वाले रहे. इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 204 प्रतिशत की रॉकेट रफ्तार से बढ़कर 664.03 करोड़ रुपये हो गया. राजस्व में भी 32 प्रतिशत की ठोस वृद्धि देखी गई. कंपनी की एसेट क्वालिटी यानी दिए गए कर्ज की वसूली का रिकॉर्ड भी बेहद मजबूत स्थिति में है.





