दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को पहलवान विनेश फोगाट को राहत देने से इनकार कर दिया। विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स के चयन ट्रायल से बाहर किये जाने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील राजशेखर राव ने कोर्ट में कहा कि इस मामले में जो दिख रहा है, उससे कहीं ज्यादा बात है।’’ उन्होंने विनेश को फिलहाल ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दिये जाने की मांग की। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने मांग नहीं मानी। ट्रायल 30 मई को होने हैं।

जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि मामले की पूरी सुनवाई जुलाई में होगी। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर अभी विनेश फोगाट को ट्रायल में हिस्सा लेने दिया गया और बाद में फैसला उनके खिलाफ आया तो उसका कोई मतलब नहीं रहेगा।
अदालत ने विनेश फोगाट को निर्देश दिया कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का विस्तृत जवाब दें। साथ ही रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से कहा कि वह इस मामले में अगली सुनवाई यानी 6 जुलाई तक फैसला ले।
खबरों के मुताबिक, WFI ने इस बार ट्रायल में वही खिलाड़ी शामिल किये हैं जिन्होंने 2025 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, 2026 फेडरेशन कप या अंडर20 नेशनल चैंपियनशिप में मेडल जीता हो। विनेश फोगाट ने इनमें से किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने 2024 ओलंपिक के बाद संन्यास का ऐलान किया था, लेकिन दिसंबर 2025 में फिर से वापसी की।
WFI ने विनेश को एक नोटिस भी भेजा है। इसमें उन पर अनुशासनहीनता, एंटीडोपिंग नियमों के उल्लंघन और वापसी से जुड़े नियम पूरे न करने के आरोप लगाए गए हैं। डब्ल्यूएफआई का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक संन्यास के बाद वापसी करने से पहले छह महीने का नोटिस देना जरूरी था, जो विनेश ने नहीं दिया। नोटिस में 2024 पेरिस ओलंपिक में वजन ज्यादा होने के कारण हुए उनके अयोग्य घोषित होने का भी जिक्र किया गया और उसे ‘राष्ट्रीय शर्मिंदगी’ बताया गया।
विनेश फोगाट ने इन आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि विश्व एंटीडोपिंग एजेंसी और इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जनवरी 2026 से उन्हें खेलने की अनुमति दे दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि फेडरेशन उन्हें जबरन संन्यास लेने के लिए मजबूर करना चाहता है। दिल्ली उच्च न्यायालय में विनेश फोगाट की ओर से यह भी कहा गया कि वह मातृत्व अवकाश पर थीं और अंतरराष्ट्रीय नियमों में ऐसे मामलों में छूट का प्रावधान है। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह मातृत्व अवकाश की बात को समझता है, लेकिन राष्ट्रीय हित को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
इसके बाद कोर्ट ने WFI की नई चयन नीति को चुनौती देने वाली विनेश फोगाट की याचिका पर नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई छह जुलाई 2026 तय की।
विनेश फोगाट की वापसी पर सियासत तेज: बृजभूषण सिंह बोले रायता फैलाकर गईं हैं देवीजी, कांग्रेस सांसद ने कहा न्याय मांगने की कीमत चुका रहीं, साक्षी मलिक ने लगाई गुहार
विनेश फोगाट की कुश्ती में वापसी को लेकर विवाद बढ़ गया है। साक्षी मलिक ने WFI से ट्रायल कराने की मांग की। बृजभूषण शरण सिंह ने महासंघ का बचाव किया। कांग्रेस नेता दीपेंदर हुड्डा ने इसे साजिश और अन्याय बताया।





