Gas & Bloating: क्या आपका पेट हमेशा गैस से फूला रहता है? ये 6 आदतें है ब्लोटिंग के लिए जिम्मेदार, एक्सपर्ट से जानें राहत पाने का तरीका​

सुबह सोकर उठने के बाद से लेकर रात को सोने जाने तक क्या आपका पेट भी हमेशा एक गुब्बारे की तरह फूला हुआ और भारी महसूस होता है? आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और डेस्क जॉब के कारण गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग एक ऐसी समस्या बन गई है जिसे लोग आम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर गैस कंट्रोल करने के लिए खुद से इलाज करना शुरु कर देते हैं। यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट Dr Saleem Zaidi के मुताबिक खराब डाइट और बिगड़ता लाइफस्टाइल पेट में गैस, ब्लोटिंग और अपच की बड़ी वजह बन रहे हैं।

Gas & Bloating: क्या आपका पेट हमेशा गैस से फूला रहता है? ये 6 आदतें है ब्लोटिंग के लिए जिम्मेदार, एक्सपर्ट से जानें राहत पाने का तरीका​

फास्ट फूड, तलाभुना खाना, देर रात भोजन, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी पाचन तंत्र को कमजोर कर देते हैं। जब खाना ठीक से नहीं पचता, तो आंतों में फर्मेंट होकर गैस बनने लगती है, जिससे पेट फूलना, भारीपन और दर्द जैसी समस्याएं होती हैं। एक्सपर्ट चेतावनी देते हैं कि रोजाना होने वाली गैस और ब्लोटिंग को नजरअंदाज करना सही नहीं है, क्योंकि लंबे समय तक यह समस्या कब्ज, एसिडिटी और Irritable Bowel Syndrome जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है। एक्सपर्ट ने बताया आपको रोजमर्रा की कुछ आदतें है जिसकी वजह से आपको पेट में गैस और ब्लोटिंग होती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि किन आदतों को बदलकर आप इस क्रोनिक भारीपन से सुरक्षित और स्थायी रूप से राहत पा सकते हैं।

तेज़तेज़ खाना और ओवरईटिंग

जब आप बहुत जल्दीजल्दी खाना खाते हैं, तो खाने के साथ ज्यादा हवा भी पेट में चली जाती है। इससे पेट में गैस बनने लगती है और ब्लोटिंग महसूस हो सकती है। वहीं जरूरत से ज्यादा खाना खाने पर पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ता है, जिससे खाना ठीक से पच नहीं पाता और गैस बनने लगती है।

रात को हैवी डिनर

रात में ज्यादा तलाभुना, मसालेदार या भारी खाना खाने से पाचन धीमा हो जाता है। सोने के समय शरीर की मेटाबॉलिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, जिससे खाना लंबे समय तक पेट में रहता है। इसका परिणाम गैस, एसिडिटी, पेट फूलना और सुबह भारीपन के रूप में सामने आ सकता है।

कब्ज की समस्या

कब्ज होने पर आंतों में मल लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे बैक्टीरिया उसमें फर्मेंटेशन करने लगते हैं। इस प्रक्रिया से गैस बनती है और पेट फूला हुआ महसूस होता है। लंबे समय तक कब्ज रहने पर पेट दर्द, बदबूदार गैस और डकार जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

दूध, गेहूं या कुछ दालों से इंटॉलरेंस

कुछ लोगों का शरीर दूध में मौजूद लैक्टोज, गेहूं के ग्लूटेन या कुछ दालों को ठीक से पचा नहीं पाता। इसे फूड इंटॉलरेंस कहा जाता है। ऐसे में खाना खाने के बाद गैस, पेट दर्द, डायरिया, पेट फूलना और असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन

शुगरफ्री प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर जैसे सोर्बिटोल और एस्पार्टेम कई लोगों में गैस और ब्लोटिंग की वजह बन सकते हैं। ये पदार्थ आंतों में पूरी तरह पच नहीं पाते, जिससे फर्मेंटेशन बढ़ता है और पेट में गैस बनने लगती है।

ज्यादा तनाव और एंग्जायटी

तनाव और एंग्जायटी का सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। जब व्यक्ति तनाव में होता है, तो पेट की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इससे एसिडिटी, अपच, गैस, पेट दर्द और बारबार डकार आने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लगातार तनाव पाचन को लंबे समय तक प्रभावित कर सकता है।

धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना खाएं

भोजन हमेशा आराम से और धीरेधीरे खाना चाहिए। खाना अच्छी तरह चबाने से पाचन एंजाइम बेहतर तरीके से काम करते हैं। इससे भोजन आसानी से पचता है, पेट पर दबाव कम पड़ता है और गैस, अपच व पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।

ओवरईटिंग से बचें

जरूरत से ज्यादा खाना खाने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे खाना देर से पचता है और गैस बनने लगती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार हमेशा उतना ही खाना चाहिए, जितनी शरीर को जरूरत हो, ताकि डाइजेशन बेहतर बना रहे।

डिनर सोने से 3 घंटे पहले करें

रात को देर से खाना खाने पर शरीर भोजन को ठीक से पचा नहीं पाता। इससे गैस, एसिडिटी और पेट भारी रहने की समस्या बढ़ सकती है। सोने से कम से कम तीन घंटे पहले डिनर करने से पाचन बेहतर रहता है और नींद भी अच्छी आती है।

रोज़ फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं

रोजाना वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज करने से पाचन तंत्र सक्रिय रहता है। शारीरिक गतिविधि आंतों की मूवमेंट को बेहतर बनाती है, जिससे कब्ज कम होती है। इससे गैस, पेट फूलना और अपच जैसी समस्याओं में काफी राहत मिल सकती है।

कब्ज के लिए फाइबर और पानी लें

फाइबर युक्त भोजन और पर्याप्त पानी पेट को साफ रखने में मदद करते हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इससे स्टूल सॉफ्ट रहता है और कब्ज की समस्या कम होती है। जब पेट सही तरीके से साफ होता है, तो गैस और ब्लोटिंग बनने की संभावना भी कम हो जाती है।

खाने के बाद सौंफ चबाएं

खाने के बाद सौंफ चबाना पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है। सौंफ डाइजेस्टिव एंजाइम्स को सक्रिय करती है और गैस बाहर निकालने में मदद करती है। इससे पेट हल्का महसूस होता है और मुंह की दुर्गंध कम करने में भी सहायता मिलती है।

अजवाइन और अदरक का इस्तेमाल करें

अजवाइन और अदरक दोनों ही पाचन सुधारने में मदद करते हैं। अजवाइन गैस और पेट दर्द कम करती है, जबकि अदरक डाइजेशन को तेज बनाता है। सीमित मात्रा में इनका सेवन करने से गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं में आराम मिल सकता है।

स्ट्रॉ, सोडा और च्युइंगम से बचें

स्ट्रॉ से ड्रिंक पीने, सोडा या ज्यादा चुइंगम चबाने से पेट में अतिरिक्त हवा चली जाती है। यही हवा बाद में गैस और पेट फूलने की वजह बनती है। पेट को स्वस्थ रखने के लिए इन आदतों से बचना बेहतर माना जाता है।

एक्सपर्ट्स की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि बारबार गैस बनना सिर्फ सामान्य समस्या नहीं हो सकती। यह खराब खानपान या पाचन संबंधी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है। सही समय पर लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करके कई समस्याओं से बचाव संभव है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, डाइट बदलाव या लगातार गैस, पेट दर्द और ब्लोटिंग की स्थिति में डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। स्वयं इलाज करने से बचें।

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