आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख,याचिकाएं खारिज कर राज्यों को दिए कड़े निर्देश​

नई दिल्ली: देश में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और उनके हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने इस मुद्दे से जुड़ी सभी नई याचिकाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ तौर पर कहा कि देश में डॉग बाइट और आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती समस्या सचमुच बेहद चिंताजनक और गंभीर है।

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख,याचिकाएं खारिज कर राज्यों को दिए कड़े निर्देश​

दिल्ली : आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

➡सभी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया
➡राज्य एनिमल बर्थ कंट्रोल का पालन करें SC
➡डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वालीSC
➡SC ने डॉग लवर्स की याचिका को खारिज किया
➡आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश नहीं बदलेगाSC… pic.twitter.com/qFQr46dqRv

— भारत समाचार | Bharat Samachar May 19, 2026

नवंबर 2025 के आदेश में संशोधन से साफ इनकार
जस्टिस की पीठ ने इस मामले में डॉग लवर्स की ओर से दायर याचिका को भी खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने नवंबर 2025 के पुराने फैसले में किसी भी तरह का संशोधन या बदलाव करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आवारा कुत्तों को चिन्हित क्षेत्रों से हटाने और उनके प्रबंधन को लेकर जो आदेश पहले दिया गया था, वह पूरी तरह लागू रहेगा और उसमें कोई ढील नहीं दी जाएगी।

अस्पताल, स्कूल और स्टेशनों पर लागू रहेगा नियम
सर्वोच्च अदालत ने राज्यों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन ‘एनिमल बर्थ कंट्रोल’ नियमों का सख्ती से पालन करें। इसके साथ ही कोर्ट ने दोहराया कि अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों जैसे संवेदनशील और सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को दूर रखने का पुराना आदेश सख्ती से प्रभावी रहेगा। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। कोर्ट के इस रुख से साफ है कि आवारा कुत्तों के हमलों से आम जनता को सुरक्षा देना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

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