रिलेशनशिप का टॉक्सिक होना किसी भी लव रिलेशनशिप की बुनियाद प्यार, भरोसा और चिंता होती है. लेकिन कभीकभी रिश्ता कब टॉक्सिक बन जाता है लोगों को समझ ही नहीं आता है. कुछ लोग बतौर पार्टनर बहुत केयरिंग और लविंग होते हैं लेकिन उनकी यही खूबी रिश्ते के लिए खतरा बन जाती है. जानें कौन से संकेत या आदतें हैं जो बताती हैं कि रिश्ते में अब टॉक्सिसिटी बढ़ गई है.

हद से ज्यादा चिंता लव रिलेशनशिप हो या शादीशुदा जिंदगी… इसमें हद से ज्यादा चिंता करना भी एक नेगेटिव संकेत साबित हो सकता है. नए रिलेशनशिप में ये व्यवहार अच्छा लगता है लेकिन इस वजह से पर्सनल स्पेस खत्म होने लगता है. ऐसे में कंडीशन टॉक्सिक होने की बन जाती है. आप केयरिंग हैं ये अच्छा है लेकिन कुछ मामलों में पार्टनर को अपनी चिंता खुद भी करनी देनी चाहिए.
हर समय रोकटोक प्यार, केयर या चिंता के नाम पर कुछ लोग रिलेशनशिप में हर समय रोकटोक करते हैं. आपका हर चीज पर बारबार बोलना रिश्ते में खटास की वजह बन सकता है. आपका पार्टनर मॉडर्न दुनिया के हिसाब से थोड़ा धीरे चलता हो लेकिन उसे खुद भी चीजों को मैनेज करने देना चाहिए. हर छोटी बात पर सुनाने की आदत आज ही छोड़ें.
पर्सनल स्पेस न देना रिलेशनशिप में एकदूसरे के स्पेस का ख्याल भी रखना चाहिए. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। कपल्स के बीच में दोनों को ये तय करना चाहिए कि एकदूसरे का पर्सनल स्पेस भी जरूरी है. जो कपल अपने पार्टनर से हर समय चिपके रहने की कोशिश करते हैं उन्हें एक समय पर रिलेशन में टॉक्सिक माहौल का सामना करना पड़ जाता है.
लगातार झगड़े आप रिलेशनशिप में हैं और पार्टनर से हर चीज या बात पर विचार मिले ये जरूरी नहीं है. इस कारण अधिकतर कपल्स में झगड़े होने लगते हैं. झगड़ों का होना नॉर्मल है लेकिन ऐसा अक्सर हो रहा है तो ये बताता है कि रिश्ता खतरे में है. ये एक बड़ा संकेत है और इसे पहचानने में देर न करें.
एकदूसरे से बात न करना कई बार ऐसी सिचुएशन बन जाती है कि कपल एक ही घर में साथ होकर साथ नहीं होते. ये टॉक्सिक रिलेशनशिप का एक बड़ा संकेत है. समय बीतने के साथ रिलेशन में झगड़ा या खटास का होना नॉर्मल है. लेकिन इसे सही चलाने के लिए एकदूसरे से बात करना जरूरी है. हर समय चुप रहना खटास की गहराई को और बढ़ाता है.




