नई दिल्ली: पांच देशों की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े एक्शन की तैयारी में है। वह आज यानी गुरुवार शाम को मंत्रिपरिषद की बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी बड़ी मीटिंग होने जा रही है। पीएम की यह बैठक तब हो रही है, जब देश में NEET परीक्षा का पेपर लीक होने से माहौल गर्म है और देश के करीब 10 राज्यों में इसकी जांच की आंच पहुंच चुकी है। वहीं, दूसरी ओर अमेरिकाईरान के बीच जारी तनाव के बीच पश्चिम एशिया संकट के दूर होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस वजह से खाड़ी देशों से भारत की तेल और गैस की सप्लाई ठप सी हो गई है। पीएम की अगुवाई वाली यह बैठक मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच भी हो रही है।

पीएम मोदी की ये बैठक साल भर बाद हो रही
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को इस बड़ी बैठक की अगुवाई करेंगे। मंत्रिपरिषद की ये बैठक करीब साल भर बाद हो रही है, जिसमें सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल होने जा रहे हैं। इस वर्ष की मंत्रिपरिषद की यह पहली बैठक राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पश्चिम बंगाल और असम में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा के मजबूत प्रदर्शन और पुडुचेरी में एनडीए सरकार के पुनः गठन के बाद हो रही है।
मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड जांचेंगे पीएम मोदी
बताया जा रहा है कि पीएम मोदी इस बैठक के दौरान सभी मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा और उनका रिपोर्ट कार्ड देख सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि पीएम मोदी की इस बैठक में मंत्रालयों के फैसलों और उनके नतीजों और भावी योजनाओं पर भी चर्चा होनी तय मानी जा रही है।
मंत्रियों के कामकाज की मध्यावधि समीक्षा!
मौजूदा हालात को देखते हुए ये भी अटकलें लग रही हैं कि केंद्र सरकार मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकती है। नीट परीक्षा लीक मामले और पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी की अध्यक्षता में वाली बैठक पर पूरे देश की निगाहें हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रिपरिषद की यह बैठक गुरुवार शाम 4 बजे नई दिल्ली के ‘सेवा तीर्थ’ में हो सकती है। इस बैठक को पीएम मोदी के मंत्रियों के कामकाज की अहम मध्यावधि समीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। इस बैठक में कैबिनेट में फेरबदल के भी अटकलें लग रही हैं। सोशल मीडिया पर भी ये कयास लगाए जा रहे हैं।
बैठक में इन बड़े मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
पीएम मोदी इस बैठक में पश्चिम एशिया संकट, उसके आर्थिक प्रभावों और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा कर सकते हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। मंत्रालयों और विभागों को नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए जरूरी दिशानिर्देश दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, जहाजरानी और रसद जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
पश्चिम एशिया संकट: LPG के भी बढ़ सकते हैं रेट
केंद्र सरकार लगातार कह रही है कि देश में पेट्रोलडीजल के पर्याप्त भंडार हैं। मगर, एनर्जी सप्लाई में लगातार आ रही दिक्कतों ने मोदी सरकार की भी टेंशन बढ़ा दी है। इस बीच, पेट्रोलडीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। एलपीजी के रेट को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है कि कभी भी उसके रेट बढ़ाए जा सकते हैं।
नीट पेपर लीक मामले में सरकार की किरकिरी
नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इस मामले की जांच राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत 10 से ज्यादा राज्यों तक पहुंच चुकी है। वहीं, करीब 23 लाख नीट एस्पिरेंट्स परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार कर रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी किसी भी समय अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://neet.nta.nic.in पर नीट यूजी 2026 परीक्षा की नई तारीख घोषित करने वाला है। नीट पेपर लीक का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने नीट यूजी को ‘सिस्टेमैटिक फेलियर’ बताते हुए एनटीए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में एनटीए को हटाकर न्यायिक निगरानी में NEETUG 2026 की परीक्षा फिर से कराने की मांग की है।
वहीं, दूसरी ओर नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक को लेकर देश में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी का माहौल है। छात्र संगठनों ने एनटीए को हटाने के मांग की है। NSUI और SFI के बाद ABVP के छात्र कार्यकर्ता एनटीए के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस बैठक में किनकिन मसलों पर हो सकती है चर्चा
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में आम जनता के फायदे के लिए कई क्षेत्रों में सुधारों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले अगले 10 वर्षों के लिए सुधारों की प्राथमिकताएं बताई थीं और कहा था कि उनकी सरकार की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ ने व्यवस्थागत परिवर्तन किए हैं और आम नागरिकों को काफी लाभ पहुंचाया है। प्रधानमंत्री द्वारा पश्चिम एशिया संकट और इसके आर्थिक प्रभावों का मुद्दा उठाने की भी उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, वे मंत्रालयों और विभागों को नागरिकों को होने वाली असुविधा को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव को घटाने के लिए कदम उठाने का निर्देश दे सकते हैं।
बैठक के दौरान ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, जहाजरानी और रसद जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है। पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने सभी संबंधित पक्षों को इससे प्रभावित नागरिकों और क्षेत्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी समयसमय पर प्रमुख नीतिगत और शासन संबंधी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मंत्रिपरिषद की बैठकें करते रहे हैं, लेकिन गुरुवार की बैठक पर इसकी राजनीतिक प्रासंगिकता और व्यापक शासन संबंधी एजेंडा के कारण विशेष ध्यान दिया जा रहा है।





