नौतपा यानी साल के ऐसे 9 दिन जब गर्मी अपनी चर्म सीमा पर होती है। इस साल नौतपा 25 मई से शुरु होकर 2 जून तक रहेगा, यानि 9 दिन पड़ेगी भयंकर गर्मी। इस बार नौतपा में तापमान 45 से 50 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। नौतपा के वैज्ञानिक कारणों की बात करें तो इस समय सूर्य की किरणें भारतीय उपमहाद्वीप पर सीधी पड़ती है। तापमान और लू बढ़ने से वातावरण में तेजी से बदलाव होता है। वैसे माना जाता है कि तेज गर्मी अच्छे मानसून का संकेत होती है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों में 25 मई से 2 जून तक भीषण गर्मी और हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। IMD के अमित कुमार ने बताया आने वासे 78 दिनों में उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में भीषण गर्मी रहेगी। आने वाले दिनों में लू का खतरा बढ़ेगा। इस दौरान पड़ने वाले ‘नौतपा’ के 9 दिनों में तापमान में भारी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस अत्यधिक गर्मी से सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सुबह दिन के 12 बजे से 3 बजे तक धूप में नहीं निकलें।
Dietitian Shreya ने बताया इस मौसम में गर्मी और लू का खतरा बढ़ जाता है। इन दिनों सबसे ज्यादा मरीज डिहाइड्रेशन से जूझते हैं। इसके अलावा हीट एक्सॉशन, हीट स्ट्रोक और गैस्ट्रोएंट्राइटिस जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ती है। खराब खाना या दूषित पानी पीने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हो सकती है। इस मौसम में गर्मी से माइग्रेन, सिर दर्द और थकान रहती है ऐसे में गर्मी और लू से बचाव करना बेहद जरूरी है। लगातार चलने वाली गर्म हवाएं शरीर पर गंभीर असर डाल सकती हैं। ऐसे में लू की चपेट में आने और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाव करने के लिए डॉक्टरों ने बचाव के 9 बेहद जरूरी और प्रमाणिक तरीके बताए हैं, जिन्हें अपनाकर आप खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं। आइए जानते हैं कि भीषण गर्मी में लू से कैसे बचाव करें।
लू लगने पर शरीर में दिखते हैं ये लक्षण
लू लगने से पूरे दिन थकावट महसूस हो सकती है। सिर दर्द, माइग्रेन, चक्कर आना, बेचैनी और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं। कई लोगों को कमजोरी और तनाव भी महसूस होता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
गर्मियों में लू से बचाव के लिए बॉडी को हाइड्रेट रखें
डायटीशियन Shriya ने बताया गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। दिनभर में कम से कम 2 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है। इसलिए पानी के साथसाथ लिक्विड डाइट को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
लिक्विड डाइट है बेहद जरूरी
तेज गर्मी में भारी खाना खाने से पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ता है। इसलिए इस मौसम में लिक्विड डाइट लेना बेहतर माना जाता है। टमाटर, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, शिकंजी और अन्य तरल पदार्थ शरीर को ठंडक देने के साथ जरूरी पोषण भी देते हैं। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और डाइजेस्टिव सिस्टम को आराम मिलता है और बॉडी हाइड्रेट रहती है।
नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को रखते हैं ठंडा
गर्मी में शरीर से जरूरी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स पसीने के जरिए बाहर निकल जाते हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ऐसे में सौंफ, नारियल पानी और शिकंजी जैसे प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। ये शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
गोंद कतीरा और पुदीने की चाय भी है फायदेमंद
सुबह खाली पेट भीगा हुआ गोंद कतीरा खाने से शरीर को ठंडक मिलती है। वहीं पुदीने की चाय शरीर को रिलैक्स करने और गर्मी से राहत दिलाने में मदद करती है। ये घरेलू उपाय शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मददगार हो सकते हैं।
आम पन्ना और कच्ची कैरी से मिलेगी राहत
गर्मी में कच्ची कैरी से बना आम पन्ना शरीर को लू से बचाने के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को ठंडक देता है और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा नींबू पानी, छाछ और शिकंजी जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को हाइड्रेट रखते हैं।
शाम के समय हल्का खाना चुनें
जब तापमान थोड़ा कम हो जाए, तब हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना बेहतर होता है। इडली, सांभर या अन्य हल्का भोजन शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन पर ज्यादा दबाव नहीं डालता।
गर्मी से बचने के जरूरी उपाय अपनाएं
एक्सपर्ट ने सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर और आंखों को ढककर रखें। नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। ओआरएस, नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे ड्रिंक्स शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
गर्मी से आकर तुरंत ठंडा पानी नहीं पिएं
डॉक्टर के अनुसार तेज गर्मी से आने के तुरंत बाद बहुत ठंडा पानी पीना नुकसानदायक हो सकता है। इससे शरीर की नसें सिकुड़ सकती हैं, जिससे हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है और बीपी व पल्स रेट प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए सामान्य तापमान वाला पानी पीना बेहतर माना जाता है।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान
बच्चों में ज्यादा खेलने और पसीना आने की वजह से पानी की कमी जल्दी हो सकती है। वहीं बुजुर्ग अक्सर कम पानी पीते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में उन्हें बारबार पानी और पानी से भरपूर फल जैसे तरबूज, खरबूजा और खीरा देना चाहिए।
गर्मी में आंखों और स्किन का रखें ध्यान
धूप में ज्यादा रहने से आंखों में जलन, लालपन और एलर्जी हो सकती है। इससे बचने के लिए सनग्लासेस पहनना और आंखों को बारबार धोना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसमें बताए गए उपाय घरेलू और सामान्य स्वास्थ्य सलाह पर आधारित हैं। लू लगने, तेज बुखार, चक्कर, उल्टी, बेहोशी या सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर स्थिति होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। किसी भी नई डाइट या घरेलू उपाय को अपनाने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





