चंद्रनाथ मर्डर केस में पुलिस से हो गई बड़ी चूक! मामले में गिरफ्तार बलिया के आरोपी राज सिंह को लेकर आई ये जानकारी

Chandranath Rath Murder Case Update: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने जिस राज सिंह को अयोध्या से गिरफ्तार किया था, उसका हत्या से कोई संबंध नहीं निकला. नाम और जिले की समानता के कारण हुई गलत गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे रिहा कर दिया. जानिए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अब तक क्या-क्या हुआ.

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, केस वैसे-वैसे ही उलझता हुआ नजर आ रहा है. अब इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में एक नया मोड़ आया है. मिली जानाकारी के मुताबिक पुलिस ने जिस राज सिंह को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया था, उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं ही है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। राज सिंह सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो बनाने का काम करता है. बताया जा रहा है कि पुलिस को जैसे ही उनकी गलती का पता चला तो उन्होंने उसे रिहा कर दिया. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

11 मई को हुई थी गिरफ्तारी

6 मई को चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन किया. पुलिस ने सबसे पहले बक्सर से विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को गिरफ्तार किया था. इन्हीं से पूछताछ में राज सिंह का नाम सामने आया था, जिसके बाद उसकी तलाशी तेज कर दी गई थी. पुलिस को राज सिंह का इनपुट मिला और फिर उन्होंने जाल बिछाकर 11 मई को अयोध्या से उसे गिरफ्तार कर लिया. फिर राज सिंह को बंगाल ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई. इस दौरान कुछ चीजें ऐसी दिखी, जिसने अधिकारियों को शक में डाल दिया.

राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद खुली पोल

पुलिस को अपने चूक की पता तब हुई जब दो दिन पहले इस केस में चौथी गिरफ्तारी हुई. दरअसल दो दिन पहले मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा के पास से राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया जो कि बलिया का ही रहने वाला है. जब राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद CBI ने उससे पूछताछ की तो पता चला 11 मई को गिरफ्तार हुआ राज सिंह का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राजकुमार सिंह और राज सिंह की नाम में समानता और बलिया के ही होने के कारण यह गिरफ्तारी हुई थी. हालांकि अब गलत पहचान का मामला बताते हुए राज सिंह को रिहा कर दिया गया है. 

6 मई को हुई थी चंद्रनाथ रथ की हत्या

आपको बता दें कि इस हत्याकांड की कहानी पश्चिम बंगाल से जुड़ी हुई है. दरअसल 4 मई को भाजपा ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज की थी, लेकिन उसके दो दिन बाद यानी 6 मई को सुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी. मध्यग्राम इलाके में शाम के वक्त जब वह घर लौट रहे थे तभी अपराधियों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी. आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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