कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में सोनल दिनुशा भारत और श्रीलंका के बीच निर्णायक साबित हुए। उन्होंने 264 गेंदों पर नाबाद 133 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को कड़े मुकाबले के बाद ड्रॉ दिलाने में मदद की। पहली पारी में 213 रनों की बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद, भारत को उम्मीद थी कि वे आखिरी दिन 20 से सीरीज़ जीत लेंगे। लेकिन दिनुशा ने एक बार फिर शानदार और दृढ़ खेल दिखाते हुए मेजबान टीम को रोके रखा। उन्होंने श्रीलंका की कुल बढ़त को 216 तक पहुँचाया, जिसके बाद मेजबान टीम ने पारी घोषित कर दी और दोनों टीमों ने हाथ मिलाए।
 

जब दोनों टीमें पॉइंट्स बांटने पर सहमत हुईं, तब श्रीलंका का स्कोर 429/9 था। भारत ने पिछले हफ़्ते गाले में खेले गए पहले टेस्ट में शानदार जीत के साथ दो मैचों की सीरीज़ 10 से अपने नाम कर ली थी। दिनुशा का यह शतक सीरीज़ में उनका तीसरा शतक था। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। उन्होंने इस टेस्ट की पहली पारी में 103 रन बनाए थे और गाले में खेले गए सीरीज़ के पहले मैच में अपना पहला शतक लगाया था। 229/6 के स्कोर से आगे खेलते हुए, दिनुशा और केशरा नुवान्था ने पांचवें दिन की पिच पर भारतीय गेंदबाज़ों को परेशान किया। इस जोड़ी ने सातवें विकेट के लिए 112 रन जोड़े, जिसमें नुवान्था ने 46 रन का योगदान दिया। चौथे दिन फ़ॉलोऑन के लिए मजबूर होने के बाद श्रीलंका ने इस तरह से संघर्ष किया।
भारत के मानव सुथार सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे; उन्होंने 41 ओवर में 121 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि रवींद्र जडेजा ने 38.3 ओवर में 94 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। पहली पारी के बाद भारत की मज़बूत स्थिति के बावजूद, श्रीलंका ने दूसरी पारी में डटकर मुकाबला किया, जिससे दूसरा टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुआ और सीरीज़ बराबरी पर छूटी। श्रीलंका ने दिन की शुरुआत छह विकेट पर 229 रन और महज 16 रन की बढ़त के साथ की थी। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और नुवांता मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों ने सुबह के सत्र में 100 रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा।
भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए। स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन वे श्रीलंका की पारी को समेटने में नाकाम रहे। श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान भी उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की थी और 117 रन जोड़े थे। पहली पारी में 103 रन बनाने वाले दिनुशा मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए। उन्होंने चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पहले टेस्ट में भी 100 और 84 रन बनाए थे। पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।
 

हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया। जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया। लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा। दिनुशा और कुमारा ने 28 से अधिक ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी। जडेजा ने अंतत: कुमारा को शॉर्ट लेग पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा। दिनुशा ने इससे पहले अंतिम सत्र की मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर 196 गेंद में मौजूदा श्रृंखला का अपना तीसरा शतक पूरा किया। कप्तान गिल ने अंतिम विकेट की तलाश में स्वयं गेंदबाजी करने के अलावा जायसवाल और जुरेल को भी गेंद सौंपी लेकिन सफलता नहीं मिली।
 
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