
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शेयर ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक प्रॉपर्टी कारोबारी से करीब 96 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है. आरोपियों ने कारोबारी को इंस्टाग्राम पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी रील देखने के बाद वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा. इसके बाद निवेश के नाम पर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाए गए. आरोपियों ने खुद को एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा बताया और कारोबारी को लगातार शेयर खरीदने-बेचने के निर्देश दिए.
पीड़ित की पहचान शंकर नगर निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी विशाल बरड़िया के रूप में हुई है. उन्होंने खम्हारडीह थाने में शिकायत देकर बताया कि 8 अगस्त को उन्हें एक महिला के नाम से संचालित मोबाइल नंबर के जरिए ‘GL 632-NAM एलीट कनेक्ट प्लेटफॉर्म’ नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था.
10 पॉइंट्स में समझें पूरा मामला
1. विशाल बरड़िया के मुताबिक, 8 अगस्त को उन्हें एक महिला के नाम से चल रहे मोबाइल नंबर के जरिए ‘GL 632-NAM एलीट कनेक्ट प्लेटफॉर्म’ नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया. आरोपियों ने इसे नुवामा ट्रेडिंग एंड एसेट मैनेजमेंट कंपनी का प्लेटफॉर्म बताया था. ग्रुप एडमिन खुद को प्रोफेसर बताता था.
2. ग्रुप में रोज दोपहर 2:30 बजे किसी कंपनी के शेयर खरीदने का मैसेज भेजा जाता था. इसके बाद अगले दिन सुबह 9:15 बजे शेयर का भाव बढ़ने पर उन्हें बेचने के लिए कहा जाता था. इस तरह कारोबारी को शेयर ट्रेडिंग में लगातार मुनाफा होने का भरोसा दिलाया गया.
3. शिकायत के अनुसार, पीड़ित कारोबारी का ट्रेडिंग रजिस्ट्रेशन 12 अगस्त को कराया गया था. इसके बाद उन्होंने 13 अगस्त से निवेश करना शुरू किया. आरोपियों के बताए तरीके से वह लगातार रकम निवेश करते रहे.
4. कारोबारी के मुताबिक, उन्होंने अगस्त के अंत तक ऐप के जरिए करीब 96 लाख रुपये का निवेश कर दिया था. इस दौरान उन्हें ऐप पर उनके निवेश के साथ मुनाफा भी दिखाई देता रहा.
5. कारोबारी के अनुसार, आरोपियों के बताए ऐप में उनके निवेश पर मुनाफा जोड़कर करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपये की रकम दिखाई जा रही थी. इससे उन्हें लगा कि उनके निवेश पर काफी ज्यादा मुनाफा हो रहा है.
6. 28 अगस्त को कारोबारी ने अपने खाते से 80 लाख रुपये निकालने का अनुरोध किया. इसके बाद मामला अचानक बदल गया और आरोपियों ने उन्हें रकम निकालने के लिए अलग-अलग शर्तें बतानी शुरू कर दीं.
7. आरोपियों ने कारोबारी को बताया कि कंपनी ने उनके ऐप अकाउंट में जमा रकम को एक IPO में लगा दिया है. उन्होंने करीब 14.40 लाख शेयर खरीदने का दावा किया. आरोपियों के मुताबिक, कारोबारी की अनुमति के बिना खरीदे गए इन शेयरों की कीमत करीब 3.60 करोड़ रुपये थी.
8. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। आरोपियों ने कारोबारी के ऐप अकाउंट में मौजूद करीब 1.89 करोड़ रुपये को फ्रीज कर दिया. इसके बाद उन्होंने कहा कि रकम निकालने के लिए कारोबारी को अपने ऐप खाते में 3.60 करोड़ रुपये जमा दिखाने होंगे.
9. आरोपियों ने बाकी रकम पूरी करने के लिए कारोबारी को 1.50 करोड़ रुपये का लोन दिलाने का ऑफर भी दिया. उन्होंने दावा किया कि अगर बाकी रकम जमा कर दी गई तो कारोबारी का मुनाफा बढ़कर 18.74 करोड़ रुपये हो जाएगा. लगातार अतिरिक्त रकम की मांग किए जाने से कारोबारी को शक हुआ.
10. ठगी का शक होने के बाद कारोबारी ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने संबंधित बैंक को भी इसकी जानकारी दी. शिकायत में आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई करने, संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने और ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की गई है. कारोबारी के मुताबिक, रकम लेने के बाद आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया.



