Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब जांच तेज हो गई है। आज यानी रविवार 28 जून की सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने जेल में बंद सभी 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के लिए पुलिस की छह अलगअलग टीम बनाई गई, जिन्होंने आरोपियों के घरों पर पहुंचकर परिजनों से पूछताछ की और आसपास के लोगों से भी आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई।

टिन्नू के घर मिला ताला

छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर ताला लगा मिला। इसके बाद पुलिस ने पड़ोसियों से बातचीत कर परिवार और आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई। कार्रवाई में राजस्व विभाग के अधिकारियों, विशेषकर लेखपालों को भी शामिल किया गया। पुलिस को शक है कि चोरी किए गए चढ़ावे का कुछ हिस्सा आरोपियों के घरों से बरामद हो सकता है।

चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपी और आरोप 

SIT रिपोर्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई

जानकारी के लिए आपको बता दें कि, राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 लोगों को नामजद किया गया। 26 जून को सभी आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

ट्रस्ट ने इस्तीफों की पुष्टि की

इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा कि दोनों के इस्तीफे पर 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में विचार किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम को अर्पित की गई सोनेचांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके सुरक्षित रखरखाव में किसी तरह की कमी नहीं है।

अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता के बीच यह संदेश गया है कि सरकार के पास चढ़ावे की चोरी और इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ का जिक्र किया गया है, ऐसे में इतनी गंभीर घटना की जानकारी सरकार को पहले क्यों नहीं मिली।

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अविनाश शुक्ला के घर भी पहुंची पुलिस

पुलिस ने मामले के एक अन्य आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित घर पर भी दबिश दी। घर पर आरोपी नहीं मिला तो पुलिस ने आसपास के लोगों और स्थानीय दुकानदारों से पूछताछ की। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि अविनाश कौशलपुरी में रहता था और एक योग केंद्र से भी जुड़ा हुआ था। वह अक्सर अपने पैतृक गांव भी आताजाता रहता था। फिलहाल पुलिस उससे जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। 

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