
बठिंडा : एक महिला की कथित हत्या के आरोप में उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। महिला का आधा जला हुआ शव 11 फरवरी को बठिंडा के बेहमन दीवाना के पास एक सूटकेस में भरा हुआ मिला था। पीड़िता की पहचान होने के 48 घंटे के भीतर ही गिरफ्तारी हो गई।
इस मामले में जब खुलासा हुआ तो पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए। आरोपी ने महिला की हत्या के बाद लाश के साथ दिन बिताए। उसके सीने और चेहरे पर चाकू से अपने नाम पर टैटू बनाया। उसके बाद सेल्फी ली। फिर पहचान छिपाने के लिए उसकी लाश को जलाया और बाद में ठिकाने लगाया। हालांकि वह पुलिस के चुंगल में आखिरकार फंस ही गया।
बठिंडा की एसएसपी ज्योति यादव ने बताया कि आरोपी प्रिंस कुमार (35) मृतका का दोस्त था और उसे पिछले कुछ महीनों से जानता था। महिला किसी और के साथ रह रही थी, लेकिन आरोपी से उसकी दोस्ती थी। 9 फरवरी को दोनों सुर्खपीर रोड स्थित उसके घर पर साथ थे।
पुलिस को मिली थी लावारिस लाश
11 फरवरी को बठिंडा-मालोट राजमार्ग पर स्थित बहमन दीवाना गांव के पास खेतों से एक लावारिस सूटकेस बरामद हुआ था। लावारिस सूटकेश की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने सूटकेस खोला तो रोंगटे खड़े हो गए। इसके अंदर एक अधजरी लाश थी। लाश देखने से समझ आ रहा था कि यह एक महिला की है।
परिवार के खिलाफ लिव इन में रह रही थी
पुलिस ने आगे की जांच शुरू की तो लाश की पहचान की गई। महिला का नाम सपना उर्फ मलिका था। वह मोगा जिले के बाघापुराना की रहने वाली थी और बठिंडा में रह रही थी। पता चला कि महिला का नाम सपना था। वह अपने परिवार के खिलाफ जाकर एक शख्स के साथ लिव इन में रह रही थी। उसने अपना नाम भी बदलकर मलिका रख लिया था। प्रिंस के साथ उसका अफेयर हो गया था।
सीसीटीवी फुटेज की जांच और मोबाइल विश्लेषण से खुलासा
बठिंडा सदर पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। बठिंडा एसएसपी ज्योति यादव ने बताया कि घटना की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच करने वाली दो टीमें गठित की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान मृतक को आखिरी बार बठिंडा के पारसराम नगर इलाके में देखा गया था। मृतक के मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया गया और लगभग 10-15 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पुलिस शुक्रवार को बठिंडा के प्रिंस कुमार इलाके में पहुंची।
10 फरवरी को की हत्या
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह मृतक का दोस्त था। 9 फरवरी को जब उसने हत्या की, तब मलिका उसके साथ थी। इसके बाद उसने शव को आंशिक रूप से जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। 10 फरवरी की रात को उसने शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। फिर 11 फरवरी को उसने शव को एक सूटकेस में भरकर चांदी के रंग की हुंडई आई20 कार में मलौत रोड ले जाकर बेहमन दीवाना गांव के पास मलौत रोड पर ठिकाने लगा दिया।





