ईरान युद्ध के कारण जमकर पैसा बना रही हैं अमेरिका की तेल कंपनियां, देख लीजिए आंकड़े!

US oil companies are raking in massive profits due to the Iran conflict—take a look at the figures.

नई दिल्ली: ईरान यु्द्ध के कारण दुनिया में तेल की सप्लाई को बड़ा नुकसान हुआ है। दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल होर्मुज की खाड़ी से गुजरता है लेकिन वहां से जहाजों की आवाजाही लगभग बंद है। इस कारण खाड़ी के कई देशों ने तेल उत्पादन कम कर दिया है।

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद तेल की कीमत में 40 फीसदी तेजी आई है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इससे पहले सोमवार को यह 120 डॉलर के करीब पहुंच गया था जो 4 साल में इसका उच्च स्तर है। तेल की कीमत में तेजी से अमेरिका की तेल कंपनियां भी जमकर मुनाफा काट रही हैं।

ईरान युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिकन बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 55 डॉलर प्रति बैरल थी। इस कीमत पर अमेरिका की कंपनियां सालाना 62 अरब डॉलर का कैश जेनरेट कर रही थीं। लेकिन अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि अगर तेल इसी स्तर पर बना रहता है तो अमेरिका की तेल कंपनियों का सालाना फ्री कैश फ्लो 163 अरब डॉलर पहुंच जाएगा।

$100 अरब का फायदा
दूसरे शब्दों में कहें तो अगर कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल पर बना रहता है तो अमेरिका की बड़ी तेल कंपनियों को सालाना 100 अरब डॉलर का अतिरिक्त फायदा होगा। अमेरिका की तेल कंपनियों के लिए इससे बेहतर प्रॉफिटेबल कंडीशंस कभी नहीं रही। इसी महीने इन कंपनियों के खजाने में 5 अरब डॉलर का अतिरिक्त कैश आने की उम्मीद है। अमेरिका की कंपनियों को शेल बिजनेस से बड़ा फायदा हो सकता है जिसका मिडिल ईस्ट के कोई लेना-देना नहीं है।

ईरान युद्ध शुरू होने से डब्ल्यूटीआई क्रूड 55 डॉलर प्रति बैरल पर था
अमेरिका की कंपनियां सालाना $62 अरब का कैश जेनरेट कर रही थीं
अब कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुकी है
इससे तेल कंपनियों का सालाना फ्री कैश फ्लो $163 अरब पहुंच जाएगा
रूस भी अपने तेल पर प्रीमियम वसूलकर जमकर कमाई कर रहा है

इस बीच रूस भी अपना तेल प्रीमियम पर बेचकर रोजाना 150 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त कमाई कर रहा है। ईरान युद्ध से पहले रूस का तेल डिस्काउंट पर मिल रहा था। लेकिन होर्मुज की खाड़ी से तेल की सप्लाई बंद होते ही रूसी तेल की डिमांड बढ़ गई। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दे दी। जानकारों का कहना है कि रूस को तेल और गैस से 10 अरब डॉलर की अतिरक्त कमाई हो सकती है।

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