बुरी खबरः इन देशों में लग सकता है एनर्जी लॉकडाउन? तेल-गैस पर मचा हाहाकार!

Bad News: Could These Countries Face an 'Energy Lockdown'? Chaos Erupts Over Oil and Gas.

ईरान और अमेरिका के बीच जारी महायुद्ध ने दुनिया को लपेटे में ले लिया है. इस वक्त दुनिया, 1970 के दशक के बाद के सबसे बड़े ‘एनर्जी लॉकडाउन’ की दहलीज पर खड़ी है. होर्मुज जलडमरूमध्य पर चल रहे बवाल के बीच ईरान ने सिर्फ कुछ देशों को राहत दी है लेकिन कई देशों की तेल सप्लाई ठप हो गई है, जिसकी वजह से इन देशों ने अभी से राशनिंग और पाबंदियां लागू कर दी हैं. ऑयल क्राइसेस से जूझ रहे इन देशों में एनर्जी लॉकडाउन के हालात पैदा हो गए हैं. एक देश ने तो मजबूरी में लॉकडाउन लगा दिया है. आगे जानें कौन-कौन से देशों में जल्द लॉकडाउन लग सकता है.

पहला एनर्जी लॉकडाउन लगाने वाला देश
हाल ही में फिलीपींस ने एनर्जी लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है. फिलीपींस दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के कारण आधिकारिक तौर पर ‘नेशनल एनर्जी इमरजेंसी’ घोषित की है. फिलीपींस की स्थिति इस समय बहुत ज्यादा गंभीर है क्योंकि वह अपनी जरूरत का 98% तेल खाड़ी देशों से आयात करता है. होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वहां हड़कंप मच गया है.

एनर्जी लॉकडाउन में क्या-क्या रोक?

राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के आदेश के बाद मनीला समेत कई बड़े शहरों में शॉपिंग मॉल्स के खुलने का समय घटा दिया गया है ताकि बिजली बचाई जा सके. पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें हैं और डीजल की कीमतें करीब 220 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं. सरकार ने एक बार में तेल भरवाने की सीमा तय कर दी है.

सरकार ने गैर-जरूरी दफ्तरों को घर से काम करने का आदेश दिया है. कई स्कूलों को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है ताकि ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होने वाला ईंधन बचाया जा सके. राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई नहीं सुधरी, तो जेट फ्यूल की कमी के कारण उड़ानें भी रद्द करनी पड़ सकती हैं. सरकार ने मजबूरी में उद्योगों के लिए कम गुणवत्ता वाले ईंधन के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है ताकि सप्लाई चेन न टूटे.

पाकिस्तान: स्कूलों को दो हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया है और वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) अनिवार्य किया जा रहा है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। सिंध और अन्य प्रांतों में ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ पर विचार चल रहा है.

श्रीलंका: ईंधन बचाने के लिए हर बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है.

बांग्लादेश: यहां बिजली की भारी कटौती शुरू हो गई है. स्कूलों में रमजान की छुट्टियां समय से पहले घोषित कर दी गई हैं.

वियतनाम : यहां पेट्रोल की कीमतों में 50-60% की बढ़ोतरी के बाद वर्क-फ्रॉम-होम और गैर-जरूरी यात्राओं पर पाबंदी लगा दी गई है.

म्यांमार: यहां गाड़ियों के लिए ‘ऑड-ईवन’ (Odd-Even) नियम लागू कर दिया गया है और कई पेट्रोल पंप तेल की कमी के कारण बंद हो गए हैं.

यूरोपीय देशों में भी तेल सप्लाई पर हाहाकार
यूरोप फिलहाल अपनी सुरक्षित गैस भंडार के भरोसे है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल 2026 के अंत तक यहा स्थिति बिगड़ सकती है.

जर्मनी: यहां की अर्थव्यवस्था मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध नहीं रुका, तो अप्रैल के अंत या मई में ईंधन की भारी किल्लत हो सकती है.

यूरोपीय संघ: शेल जैसी बड़ी कंपनियों ने चेतावनी दी है कि यूरोप में जल्द ही डीजल और जेट फ्यूल की राशनिंग (सीमित सप्लाई) शुरू हो सकती है.

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