
तेहरान। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग का आज चौथा दिन है। इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण शिपिंग रुट, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है।
IRGC के एक अधिकारी ने सरकारी टीवी पर कहा कि अगर कोई जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे रोका जाएगा और निशाना बनाया जा सकता है। भारत का करीब 50% तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से आता है।
दूसरी ओर, फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि ईरानी अधिकारियों के बयानों के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है। ईरान में अब तक 742 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें 176 बच्चे हैं। 750 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
चीन बोला- ईरान को कोई सैन्य मदद नहीं दी
चीन ने कहा है कि उसने ईरान को कोई हथियार या सैन्य मदद नहीं दी है। उसका समर्थन सिर्फ राजनीतिक और नैतिक है। चीन ने अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई की आलोचना की है।
चीन अपने तेल का बहुत हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से इम्पोर्ट करता है। इसमें आधा हिस्सा ईरान से आता है और बाकी इराक, सऊदी अरब और कुवैत से।
ईरान के बुशहर प्रांत में 5 ईरानी सैनिकों की मौत
ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के मुताबिक, बुशहर प्रांत के जाम और डिर शहरों पर अमेरिका और इजराइल के हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पांच सैनिक मारे गए।
दुनिया का लगभग 20% तेल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता विवाद अब होर्मुज स्ट्रेट तक पहुंच गया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यह समुद्री रास्ता बहुत अहम है क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
सोमवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक कमांडर ने कहा कि यह रास्ता बंद है और जो जहाज यहां से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा।
इससे अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल की कीमतों में तेजी आई है और कच्चा तेल लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। अगर हालात बिगड़े, तो कीमत 100 डॉलर तक जा सकती है।
US यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, यहां से निकलने वाला ज्यादातर तेल एशिया के देशों जैसे चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जाता है। इसके अलावा जेट ईंधन और LNG की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
अमेरिका ने जॉर्डन, बहरीन और इराक से गैर-जरूरी स्टाफ हटाए
अमेरिका ने कहा है कि जॉर्डन, बहरीन और इराक में काम करने वाले गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार वहां से निकल जाएं। यह फैसला सुरक्षा खतरे के कारण लिया गया है।
अमेरिका के मुताबिक, जॉर्डन और बहरीन में ईरान से ड्रोन और मिसाइल हमले का खतरा है। इराक में हिंसा और अपहरण का भी बड़ा खतरा है। हालांकि दूतावास बंद नहीं हो रहे हैं, लेकिन वहां सिर्फ जरूरी स्टाफ रहेगा।
अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि जितनी जल्दी हो सके सुरक्षित जगह चले जाएं। कई फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं और अमेरिकी सरकार ने अभी तक वापसी की उड़ानें शुरू नहीं की हैं।





