NEET छात्रा मौत मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, अंडरगारमेंट्स में मेल स्पर्म की पुष्टि!


पटनाः NEET छात्रा मामले में सबसे बड़ी खबर आई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा की मौत मामले में फॉरेनसिक ने अपनी बायो लॉजिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंपी दी है. इस रिपोर्ट के अनुसार छात्रा के अंडर गारमेंट्स में मेल स्पर्म की हुई पुष्टि. यानी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सेक्सुअल हरासमेंट का समर्थन किया है. अब पुलिस को उस सस्पेंक्ट को ढूंढना है जिसने छात्रा के साथ गलत किया है.

घटना का विवरण
पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में 9 जनवरी को छात्रा बेहोश मिली. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. वह कई दिनों तक कोमा में रही और 11 जनवरी को एक प्राइवेट अस्पताल में उसकी मौत हो गई. शुरुआत में पुलिस ने इसे सुसाइड बताया. कहा गया कि छात्रा ने ज्यादा स्लीपिंग पिल्स ली थीं और टाइफाइड से पीड़ित थी. लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सेक्सुअल वायलेंस की संभावना नहीं खारिज की गई. परिवार ने रेप और मर्डर का आरोप लगाया. उनका कहना है कि पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की.

परिवार के आरोप
मृतक छात्रा के परिवार ने पुलिस पर कवर-अप का इल्जाम लगाया है. उन्होंने कहा कि छात्रा को सेक्सुअल असॉल्ट किया गया और सबूत मिटाने की साजिश हुई. हॉस्टल ओनर मनीष रंजन को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। लेकिन परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है. उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है. पोस्टमॉर्टम में सेक्सुअल वायलेंस के संकेत मिले हैं जो पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल उठाते हैं.

पुलिस का पक्ष और जांच की स्थिति
पटना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है. पुलिस के अनुसार अब तक किसी मंत्री या नेता पुत्र की संलिप्तता के ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं. पुलिस यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. हालांकि विपक्ष इन दावों से संतुष्ट नहीं दिख रहा.

पप्पू यादव ने उठाए थे कई सवाल
इस मामले को लेकर बीते गुरुवार को पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तीखा ट्वीट किया था. उन्होंने सवाल उठाया था कि संवैधानिक पद पर बैठे किस नेता या मंत्री का पुत्र इस मामले में संलिप्त है. उन्होंने यह भी पूछा था कि पटना में चल रहे कथित सेक्स रैकेट से जुड़े माफियाओं को आखिर कौन संरक्षण दे रहा है. ट्वीट में साफ कहा गया कि वे इस मामले को छोड़ने वाले नहीं हैं.सांसद ने हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनका आरोप है कि पुलिस ने जल्दबाजी में हॉस्टल मालिक को जेल भेज दिया ताकि असली गुनहगार तक बात न पहुंचे. पप्पू यादव ने मांग की है कि मनीष रंजन को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके.

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