स्कॉर्पियो खरीदी, पैसे मांगे तो दर्ज करा दी FIR… आशुतोष ब्रह्मचारी पर मथुरा के कारोबारी का आरोप!

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद के बाद से आशुतोष ब्रह्मचारी सुर्खियों में हैं. उनको लेकर आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब मथुरा के एक प्रॉपर्टी डीलर ने गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने उनसे एक स्कॉर्पियो खरीदी थी, लेकिन बकाया मांगने पर उनके खिलाफ ही FIR दर्ज करा दी गई.

स्कॉर्पियो खरीदी, पैसे मांगे तो दर्ज करा दी FIR… आशुतोष ब्रह्मचारी पर मथुरा के कारोबारी का आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी (फाइल फोटो)

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन उतपीड़न के आरोप लगाने के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी चर्चा में हैं. उनपर पर अब मथुरा के एक प्रॉपर्टी डीलर मनीष चतुर्वेदी ने गंभीर आरोप लगाए हैं. मनीष ने दावा किया है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने उनसे एक स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी थी, जिसका पूरा भुगतान नहीं किया और उल्टा उनके खिलाफ FIR दर्ज करा दी.

मनीष चतुर्वेदी के अनुसार, साल 2023 में आशुतोष ब्रह्मचारी ने उनसे 18 लाख रुपये में स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी थी, लेकिन केवल 2.5 लाख ही दिए. उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने बाकी रकम की मांग की तो आशुतोष ब्रह्मचारी ने उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करवा दिया. इसके बाद आशुतोष महाराज के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई.

आशुतोष महाराज इन आरोपों पर क्या बोले?

मामला अब कोर्ट में है, जहां दोनों पक्ष अपने दावे पेश कर रहे हैं. मनीष चतुर्वेदी का कहना है कि पुलिस कई बार आशुतोष महाराज के घर पहुंची, लेकिन अब तक गाड़ी बरामद नहीं हो सकी. यह भी आरोप लगाया कि आशुतोष ब्रह्मचारी खुद को एक ट्रस्ट का अध्यक्ष बताते हैं और कथित तौर पर एक व्यक्ति के घर को ही ट्रस्ट का कार्यालय बना रखा है.

वहीं, आशुतोष महाराज ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि गाड़ी का सौदा 13.50 लाख रुपये में हुआ था, जिसमें से 13 लाख रुपये वह दे चुके हैं और केवल 50 हजार रुपये बाकी थे. उनका आरोप है कि मनीष चतुर्वेदी अब उनसे अतिरिक्त 5 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं. उन्होंने साथ ही बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट से उन्हें स्टे मिल चुका है.

2 मई 2024 को गोविंद नगर थाना में मुकदमा

वहीं, जब आज इसपर मनीष चतुर्वेदी से बात की गई तो, उनका कहना है कि आशुतोष ब्रह्मचारी को जो स्टे मिला है, वह स्टे कार के ऊपर नहीं बल्कि अरेस्ट करने के ऊपर है. पुलिस उसको गिरफ्तार न कर सके लेकिन पुलिस द्वारा चार्ज शीट दाखिल कर दी गई है. कार की तलाश जारी है. ‘मेरी कार गायब हो गई है, मैं अब शासन प्रशासन से न्याय की मांग करता हूं.’.

मनीष चतुर्वेदी ने बताया कि कार बेचने की डील उनके पार्टनर धनंजय भारद्वाज ने आशुतोष पांडे से की थी. कीमत 18 लाख रुपए तय हुई थी, 2,25,000 ऑनलाइन टुकड़ों में दिए गए थे. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इसके बाद पेमेंट होल्ड हो गया, जब मैंने अपना पेमेंट मांगा तो आशुतोष ब्रह्मचारी गुमराह करता रहा. बाद में मैंने 2 मई 2024 को मथुरा के गोविंद नगर थाना में मुकदमा कराया.

कार अभी भी मनीष चतुर्वेदी के नाम पर रजिस्टर्ड

मनीष चतुर्वेदी का आरोप है कि इस मामले में उल्टा उन्हीं को प्रताड़ित किया गया और कारवाई करने की गई धमकी दी गई. आशुतोष ब्रह्मचारी 2025 में भी इस मामले में हाई कोर्ट पहुंचे और गलत डॉक्यूमेंट दिखाकर स्टे ले आएं. सबसे बड़ी बात यह है कि आज भी कार मनीष चतुर्वेदी के नाम पर रजिस्टर्ड है और इसका इन्श्योरेन्स में 2026 जनवरी में समाप्त हो चुका है.

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