
Jammu Kashmir Islamic State News: पाकिस्तानी की खुफिया ISI अब इस्लामिक स्टेट के साथ मिलकर बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रही है. इसके लिए उसने लश्कर-ए-तैयबा को इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) के साथ साझेदारी बढ़ाने का निर्देश दिया है. साजिश के तहत उसने 12 फिदायीनों की टीम बनाई जाएगी. यह टीम ISKP के नाम से जम्मू कश्मीर में बड़ा आतंकी हमला करेगी. . ऐसा करने से टेरर अटैक में पाकिस्तान की सीधी भागीदारी को छिपा दिया जाएगा. एजेंसियों ने इस संबंध में अपनी खुफिया रिपोर्ट पुलिस-प्रशासन को सौंपी है. इससे पता चला है कि LeT-ISKP मॉड्यूल के ये हाइब्रिड आतंकी पहले ही कश्मीर में घुस चुके हैं. वे बडगाम, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी और उत्तरी श्रीनगर जैसे जिलों में सक्रिय हैं.
जम्मू-कश्मीर में घूम रहे 12 फिदायीन
रिपोर्ट बताती है कि यह 12 सदस्यों वाली फिदायीन (आत्मघाती हमला) टीम है जिसे सक्रिय किया गया है और ISKP ढांचे के भीतर शामिल किया गया है. यह हाइब्रिड यूनिट बेहतर बचने और ऑपरेशनल लचीलेपन के लिए छोटे सेल/समूहों में विभाजित है.
इस फिदायीन दस्ते का नेतृत्व अबू हुरैरा नाम का एक टॉप LeT कमांडर कर रहा है, जो 2021 से एक्टिव है. इसमें मोहम्मद रिज़वान उर्फ अबू दुजाना और मोहम्मद उमर उर्फ खरगोश भी शामिल है. ये दोनों आतंकी इस दस्ते में हाल ही में शामिल हुए हैं. इस मॉड्यूल की निगरानी LeT कमांडर हुजैफा बकरवाल कर रहा है. उसके रावलपिंडी में बैठे ISI हैंडलर्स से सीधे संबंध हैं.
ISI की बड़े आतंकी हमलों की साजिश
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आईएसआई ने खैबर जिले के पहाड़ों में LeT-ISKP का एक जॉइंट हेडक्वार्टर बनाया है. इसकी जिम्मेदारी हाफिज जुबैर मुजाहिद के पास है. वह पाकिस्तानी सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस से जुड़ा हुआ है. ISI की योजना अगले 6 महीनों में फिदायीनों की संख्या बढ़ाकर 45-60 करने की है. इसमें अफगान नागरिकों को भी शामिल किया जा सकता है.
इन फिदायीनों को ढूंढने के लिए सुरक्षाबल घुसपैठ के रास्तों, ओवरग्राउंड वर्कर्स और संभावित ठिकानों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। साथ ही संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट, घुसपैठ विरोधी अभियान और मॉक ड्रिल जारी हैं. विदेशी आतंकवादियों की आवाजाही के बारे में इनपुट मिलने के बाद कठुआ, किश्तवाड़, पुंछ और राजौरी, कुपवाड़ा, गांदरबल जैसे जिलों के साथ-साथ उत्तरी श्रीनगर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
पहाड़ी इलाकों में चलाया जा रहा तलाशी अभियान
सशस्त्र संदिग्धों के देखे जाने के बाद सुरक्षा बल पीर पंजाल रेंज के घने जंगलों में खासकर कठुआ, पुंछ, किश्तवाड़, शोपियां और कुपवाड़ा क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं. खतरों को खत्म करने के लिए सुरक्षाबलों को अधिकतम बल का उपयोग करने का अधिकार दिया गया है. जिसके बाद अब आतंकियों का जिंदा बच पाना मुश्किल है.


