
Deepak Tijori on Dhurandhar 2: रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है. इस फिल्म को लेकर लोगों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. अगर आपने भी इस फिल्म को देख लिया है, तो आपको पता होगा कि इसमें कई जगहों पर खुल्लम-खुल्ला गालियां दी गई हैं और कुछ सीन में आधी गालियों को म्यूट कर दिया गया है. अब इस बात पर एक्टर और निर्देशक दीपक तिजोरी ने सवाल उठाए और सोशल मीडिया पर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के रवैये की आलोचना की. उन्होंने सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्मों और ओटीटी फिल्मों के बीच के अंतर को भी अजीब बताया.
इंस्टाग्राम पर शेयर किया पोस्ट
एक्टर और निर्देशक दीपक तिजोरी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए चयनात्मक सेंसरशिप को लेकर अपनी उलझन जाहिर की. उन्होंने लिखा, ‘मुझे मानना पड़ेगा, शायद मैं कुछ समझ नहीं पा रहा हूं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। शायद मेरे पास उतनी समझ नहीं है, जितनी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) या उसके सदस्यों के पास है. क्योंकि मैं सच में यह नहीं समझ पा रहा हूं कि आधी गालियों को म्यूट क्यों किया जाता है और बाकी को रहने क्यों दिया जाता है? कहीं कुछ शब्दों को रखा जाता है और कहीं पूरी तरह से म्यूट कर दिया जाता है?’
एडल्ट फिल्म में ऐसी सेंसरशिप का क्या मतलब?
वहीं दीपक तिजोरी ने यह भी सवाल उठाया कि एडल्ट फिल्म में ऐसी सेंसरशिप का क्या मतलब है. इसके बारे में वह लिखते हैं, ‘खासतौर पर तब, जब फिल्म को पहले ही 18+ सर्टिफिकेट मिला हो, जिसका साफ मतलब है कि यह सिर्फ वयस्कों के लिए है, तो आखिर हम किसे बचा रहे हैं? और किससे… आधे शब्द से?’
‘पूरी तरह बिना म्यूट के…’
दीपक तिजोरी ने आगे थिएटर और ओटीटी रिलीज के बीच एक बड़े अंतर की तरफ इशारा किया. उन्होंने लिखा, ‘और फिर वो हिस्सा आता है, जो मुझे सच में कंफ्यूज कर देता है. मतलब उसी फिल्म को एक-दो महीने के अंदर ओटीटी पर रिलीज किया जाता है, पूरी तरह बिना म्यूट, बदलाव के बिल्कुल वैसे, जैसी उसे बनाया गया था और वहीं बच्चे उसे घर पर परिवार के साथ देखते हैं, जहां सब कुछ साफ-साफ सुनाई देता है.’




