
आजकल कई ऑनलाइन साइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सेकंड हैंड मोबाइल फोन की खूब डील्स दिख रही होगी. कई बार लोग कम दाम होने के कारण इन फोन्स को यहां से बिना ज्यादा जांच-पड़ताल किए खरीद लेते हैं. लेकिन इसके बाद सस्ते ऑफर का चक्कर उनके लिए मुसीबत बन जाता है. इसलिए जब भी आप कोई भी यूज किया हुआ मोबाइल खरीदें, उससे पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है.
चोरी के हो सकते हैं ये फोन
कई मामलों में देखा गया है कि बाजार में बिकने वाले सेकंड हैंड फोन चोरी के होते हैं या किसी गलत काम में इस्तेमाल हो चुके होते हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। अगर ऐसा फोन आपके पास पाया जाता है, तो जांच में आपको भी जवाब देना पड़ सकता है. हाल ही में दूरसंचार विभाग ने भी लोगों को ऐसे फोन से सावधान रहने की सलाह दी था. इसलिए आप फोन की कम कीमत देखकर फैसला न करें.
IMEI नंबर से पता चलेगी फोन की सच्चाई
किसी भी फोन की असली पहचान उसके EMI नंबर से हो जाती है. यही नंबर बताता है कि फोन असली है या नहीं और कहीं वह चोरी या ब्लैकलिस्ट तो नहीं है. सेकंड हैंड फोन खरीदने से पहले इस नंबर की जांच करना बहुत जरूरी है. इसकी जांच करने के लिए आप मोबाइल में *#06# डायल करें. अब फोन की स्क्रीन पर आपको एक नंबर दिख जाएगा. अगर आप सेकंड हैंड फोन खरीद रहे हैं, तो पहले उसी फोन में यह कोड डायल करके IMEI जरूर चेक करें. IMI नबंर मिलने बाद इसको आप ceir.sancharsaathi.gov.in/ पर जाकर चेक कर सकते हैं. यहां आपको फोन की पूरी जानकारी मिल जाएगी.
मैसेज से ऐसे पता करें फोन की सच्चाई
आप फोन के बारे में पूरी जानकारी मैसेज के जरिए भी पा सकते हैं. इसके लिए आप अपने फोन में KYM लिखकर स्पेस दें और इसके बाद 15 अंकों वाला EMI कोड लिखकर 14422 पर सेंड कर दें. यहां से भी आप सेकंड हैंड फोन खरीदने से पहले उसकी पूरी कुंडली निकाल सकते हैं.
जांच किए बिना न दें पैसे
फोन बेचने वाला चाहे कितना भी भरोसेमंद लगे, फिर भी जांच करना जरूरी है. IMEI नंबर को ऑनलाइन सरकारी पोर्टल पर डालकर उसकी स्थिति देखी जा सकती है. अगर फोन चोरी का है डुप्लिकेट या ब्लैकलिस्टेड दिखे तो तुरंत उससे दूरी बना लें.
IMEI बदला हुआ भी हो सकता है
कुछ लोग चोरी के फोन का IMEI नंबर बदल देते हैं. इसलिए सिर्फ फोन में दिख रहे नंबर पर भरोसा न करें. फोन के डिब्बे, बिल और डिवाइस में दिख रहे IMEI तीनों को मिलाकर देखें. नंबर अलग-अलग हों तो समझ जाएं कि मामला संदिग्ध है. थोड़ा सस्ता फोन लेने की जल्दी में आप बड़ी कानूनी मुसीबत मोल ले सकते हैं. समझदारी यही है कि जांच करके ही पैसा दें. सही तरीके से खरीदा गया सेकंड हैंड फोन फायदा देगा नहीं तो नुकसान तय है.



