पश्चिम बंगाल: 2021 में हुआ था 8 चरण में चुनाव, इस बार सिर्फ 2 फेज में वोटिंग क्यों? EC ने बताया!

पश्चिम बंगाल: 2021 में हुआ था 8 चरण में चुनाव, इस बार सिर्फ 2 फेज में वोटिंग क्यों? EC ने बताया!

कोलकाता: चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीखों की घोषणा कर दी है. बंगाल में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा. आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के मुताबिक पूर्वी भारत के सबसे बड़े राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, वहीं दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कराया जाएगा. पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. वहीं दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल और 9 अप्रैल निर्धारित की गई है. वहीं सभी चरणों की मतगणना 4 मई को की जाएगी, जिसके बाद चुनाव परिणाम घोषित होंगे.

2021 में कितने चरण में हुआ था चुनाव?
आयोग ने पिछले चुनावों से अलग शेड्यूल रखते हुए बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को महज 2 चरणों में मतदान कराने का फैसला किया. पिछली बार 2021 में मैराथन 8 चरणों में पोलिंग हुई थी. तब पहला फेज मार्च में और आठवें आखिरी चरण की 29 अप्रैल को पोलिंग हुई थी. चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों ने तब सीईसी से इस बार 2 ही चरणों यानी पिछले चुनाव से काफी कम शेड्यूल में चुनाव कराने के बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने इसके पीछे देश की परिस्थिति और वर्तमान समय में मौजूद सुविधाओं की ओर इशारा किया.

दो चरणों में चुनाव पर आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने इस सवाल के जवाब में आगे कहा, ‘सबकी सुविधाओं का ध्यान रखते हुए इस बार महज दो चरणों में चुनाव कराया जा रहा है. पश्चिम बंगाल में सीईसी ने अपनी टीम के साथ दो दिन के दौरे अलग-अलग पॉलिटिकल पार्टियों के साथ सलाह-मशविरा किया था. सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग से कम चरणों में चुनाव कराने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि कई चरणों में चुनाव कराने से कैंपेन का समय लंबा हो जाता है, इसमें काफी ज्यादा खर्च के साथ-साथ फिजिकल मेहनत भी लगती है. आयोग ने कहा कई चरणों में चुनाव होने से देश के खजाने पर असर पड़ता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। चुनाव का खर्च बढ़ने के साथ पूरी प्रक्रिया थकाऊ और बोरिंग हो जाती है. ऐसे में राजनीतिक पार्टियों के सुझाव और पांच साल बाद हो रहे चुनाव के बाद राज्य की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कम चरणों में चुनाव कराया जा रहा है’.

चुनाव आयोग ने बताया कि बंगाल, जहां पहले से ही ज्यादा राजनीतिक संघर्ष और हिंसा देखी गई है, वहां संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों की संख्या को ध्यान में रखते हुए तमाम सोच-विचार के बाद दो चरण में चुनाव कराने का फैसला हुआ. सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारी के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की करीब 480 बटालियन पहले से ही राज्य में तैनात हो चुकी हैं. फोर्स की तैनाती का मकसद शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान सुरक्षित कराने के साथ चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है.

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