80​ की उम्र में भी 30 साल जितनी खूबसूरत दिखती हैं यहां की औरतें, फिजिकली स्ट्रॉन्ग रहते हैं 90 साल के मर्द, जानें क्या है सीक्रेट

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बढ़ती उम्र के साथ-साथ शरीर पर कई लक्षण दिखना शुरू हो जाते हैं। जैसे 30 की उम्र के बाद अधिकतर महिलाओं की स्किन पर फाइन लाइन्स, रिंकल्स, झुर्रियां आने की संभावना बढ़ जाती है। मर्दों का शरीर कमजोर होने लगता है, साथ ही पुरुष और महिलाएं दोनों के ही बाल भी सफेद होना शुरू हो जाते हैं। उम्र के साथ-साथ इस तरह के लक्षण नजर आना आम बात है। हालांकि, एक कम्युनिटी ऐसी भी है जहां 80 साल की महिलाएं भी 30-40 साल जितनी खूबसूरत और जवां नजर आती हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। वहीं, इस कम्युनिटी के मर्द 90 साल में भी फिजिकली और मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग रहते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से-

दरअसल, हम यहां पाकिस्तान की हुंजा कम्युनिटी की बात कर रहे हैं। ये कम्युनिटी उत्तरी पाकिस्तान की कराकोरम पहाड़ियों में हुंजा घाटी के नाम से चर्चित जगह पर रहती है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यहां के लोगों की औसतन उम्र 100 साल से ज्यादा है। यहां अधिरतर लोग 120 साल तक जिंदा रहते हैं। इतना ही नहीं, खबरों की मानें तो यहां के लोगों को कभी कैंसर या हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारियां नहीं होती हैं। इसके पीछे की वजह हुंजा कम्युनिटी की हेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट बताई जाती है।

क्या है सीक्रेट?

बता दें कि हुंजा कम्युनिटी में बच्चों से लेकर बड़े और बूढ़ों तक में सुबह 5 बजे उठकर पैदल घूमने का रिवाज है। कहा जाता है कि इस कम्युनिटी के लोग दिन में केवल दो बार ही खाना खाते हैं, जिसमें पहला मील वे दोपहर 12 बजे लेते हैं और फिर दूसरा रात के समय। यहां रहने वाले लोग पाकिस्तान की बाकी कम्युनिटीयों से कहीं ज्यादा एजुकेटेड हैं। वहीं, इनका खाना भी पूरी तरह हेल्दी रहता है। यहां के लोगों के लिए खेती या किसी भी तरह के फल, सब्जियों और अनाज को उगाने के लिए पेस्टिसाइड का स्प्रे करना बैन है। इस तरह ये केवल नेचुरल खाने का सेवन ही करते हैं।

ऐसी होती है डाइट

खासतौर पर यहां जौ, बाजरा, कुट्टू और गेहूं खाया जाता है। वहीं, सब्जी में यहां के लोग अधिकतर आलू, मटर, गाजर, शलजम खाना पसंद करते हैं। इन सब के अलावा हुंजा घाटी के लोग एक खास तरह की चाय पीते हैं, जो ग्रीन टी या लेमन टी से कई गुना ज्यादा फायदेमंद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां के लोग केवल किसी खास मौके पर ही मीट आदि का सेवन करते हैं, साथ ही अधिक तले-भुने और मसालेदार खाने से भी दूर ही रहते हैं। इस तरह यहां लोग बेहद कम बीमार पड़ते हैं और लंबी उम्र तक भी सेहतमंद रहते हैं। इसी कड़ी में इस कम्युनिटी पर कई लोग किताबें भी लिख चुके हैं। इनमें से जेआई रोडाल की ‘द हेल्दी हुंजास’ और डॉ. जो क्लार्क की ‘द लोस्ट किंगडम ऑफ द हिमालयाज’ फेमस हैं।

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