
गुरुग्राम: दिल्ली से सटे गुरुग्राम के रामपुरा क्षेत्र में स्थित एक वर्कशॉप के अंदर रूह कपा देने वाली वारदात हुई है. यहां हंसी-मजाक के दौरान हुए विवाद के बाद एक युवक ने अपने ही दोस्त के शरीर में इंडस्ट्रियल एयर कंप्रेसर से हवा भर दी. हवा का दबाव इतना अधिक था कि पीड़ित की आंतें फट गईं और कुछ ही घंटों के इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
वारदात मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे रामपुरा गांव स्थित तरुण एंटरप्राइजेज नामक वर्कशॉप में हुई. जानकारी के अनुसार, मूल रूप से अलीगढ़ (यूपी) के रहने वाले 38 वर्षीय हरविंदर और राजस्थान के डीग निवासी 40 वर्षीय नरेश साथ में काम करते थे. दोनों के बीच पहले हंसी-मजाक हो रहा था, जो अचानक कहासुनी में बदल गया.
गुस्से में आकर नरेश ने वर्कशॉप में रखे शक्तिशाली एयर कंप्रेसर का नोजल हरविंदर के प्राइवेट पार्ट पर लगाकर हवा छोड़ दी. देखते ही देखते हरविंदर का पेट गुब्बारे की तरह फूल गया और आंतरिक दबाव के कारण पेट फट गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी भीषण थी कि हवा के प्रेशर से हरविंदर की आंतें शरीर से बाहर आ गईं. उसे तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने की घंटों कोशिश की, लेकिन मंगलवार देर शाम उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर दीपक माथुर ने बताया कि शरीर के भीतर हवा का प्रेशर बम की तरह फटा, जिससे आंतरिक अंग पूरी तरह नष्ट हो गए.
मृतक हरविंदर पिछले 8 साल से गुरुग्राम में वेल्डर का काम कर रहा था. उसकी चार बेटियां और एक छोटा बेटा है, जो गांव में अपने दादा के पास रहते हैं. हरविंदर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया है. मिलनसार स्वभाव का हरविंदर अपने परिवार का इकलौता सहारा था.
खेड़की दौला थाना पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर आरोपी नरेश कुमार के खिलाफ हत्या (धारा 302) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी नरेश जेसीबी ड्राइवर है. पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस अब इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या यह सिर्फ एक तात्कालिक विवाद था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश थी.
औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि एयर कंप्रेसर का दबाव इतना जबरदस्त होता है कि वह धातु को साफ करने और टायर फुलाने के काम आता है. यदि इसका उपयोग मानव शरीर के किसी भी छिद्र पर किया जाए, तो यह सेकंडों में फेफड़ों और आंतों को फाड़ सकता है. कार्यस्थलों पर ऐसे खतरनाक मजाक अक्सर जानलेवा साबित होते हैं.





