
आजकल पेट में गैस बनना और पेट फूलना बहुत आम समस्या बन चुकी है। ज्यादातर लोग इसे सामान्य डाइजेशन की समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह समस्या रोज होने लगे, तो यह शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है।
अगर आपको अक्सर पेट भारी लगता है, खाना खाने के बाद असहज महसूस होता है या कपड़े टाइट लगने लगते हैं, तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है। कई बार शरीर हमें संकेत देता रहता है, लेकिन हम उसे समझ नहीं पाते।
गैस और ब्लोटिंग एक जैसी नहीं होती
गैस का मतलब होता है पेट के अंदर गैस का बनना, जो ज्यादातर हवा निगलने या अधपचा खाना आंतों में सड़ने से बनती है। यह सामान्य रूप से कभी-कभी होना ठीक माना जाता है।
वहीं ब्लोटिंग एक फीलिंग होती है, जिसमें पेट टाइट, भरा हुआ और भारी महसूस होता है। कई बार लोगों को ज्यादा गैस नहीं होती, फिर भी पेट फूलने की समस्या बनी रहती है, जो गट की मूवमेंट से जुड़ी होती है।
रोज गैस बनना शरीर का Warning Signal हो सकता है
अगर आपको रोज गैस बनती है, पेट फूलता है और बदबूदार गैस आती है, तो यह सामान्य नहीं है। यह संकेत हो सकता है कि आपका डाइजेशन सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा।
लंबे समय तक इस समस्या को नजरअंदाज करने से आगे चलकर बड़ी पेट की बीमारियां भी हो सकती हैं। इसलिए समय रहते कारण समझना बहुत जरूरी होता है।
गलत खाने का तरीका सबसे बड़ा कारण बनता है
बहुत तेजी से खाना, जरूरत से ज्यादा खाना या देर रात भारी खाना खाने से गैस बनने की समस्या बढ़ जाती है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। कई लोग खाली पेट चाय या कॉफी पीते हैं, जिससे भी पेट में एसिड और गैस बढ़ सकती है।
खाने का सही तरीका डाइजेशन के लिए उतना ही जरूरी होता है जितना सही खाना। धीरे-धीरे और आराम से खाना पेट को ज्यादा फायदा देता है।
कब्ज और गैस का गहरा संबंध होता है
डॉक्टरों के अनुसार, गैस की शिकायत करने वाले बहुत से लोग असल में कब्ज से परेशान होते हैं। जब पेट पूरी तरह साफ नहीं होता, तो खाना आंतों में ज्यादा समय तक रहता है।
इससे फर्मेंटेशन बढ़ता है और गैस ज्यादा बनती है। इसलिए गैस की समस्या में कब्ज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कुछ खास फूड्स भी गैस का कारण बनते हैं
कुछ लोगों को दूध, गेहूं, राजमा, छोले, गोभी या प्याज खाने से ज्यादा गैस बनती है। हर व्यक्ति का गट अलग तरह से काम करता है, इसलिए हर किसी पर फूड का असर अलग होता है। अगर किसी खास फूड के बाद पेट ज्यादा खराब होता है, तो उसे पहचानना और सीमित करना जरूरी होता है।
तनाव का असर सीधे पेट पर पड़ता है
बहुत कम लोग जानते हैं कि मानसिक तनाव का असर सीधे पेट पर पड़ता है। जब हम ज्यादा तनाव में होते हैं, तो पेट की मूवमेंट धीमी हो जाती है। इसी कारण कई लोगों को टेंशन या चिंता के समय ज्यादा गैस और पेट फूलने की समस्या होती है।
कुछ छुपी बीमारियां भी गैस का कारण हो सकती हैं
IBS जैसी बीमारी में गैस, पेट दर्द और कभी कब्ज तो कभी दस्त की समस्या रहती है। वहीं SIBO में खाना खाते ही पेट फूलने लगता है और ज्यादा गैस बनने लगती है। Celiac बीमारी में ग्लूटेन से समस्या होती है, जिससे गैस के साथ थकान, खून की कमी और वजन कम होने लगता है। ऐसे मामलों में सिर्फ गैस की दवा काम नहीं करती।
इन लक्षणों के साथ गैस हो तो सावधान रहें
अगर गैस के साथ वजन तेजी से कम हो रहा है, स्टूल में खून आ रहा है या बार-बार उल्टी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। अगर तेज पेट दर्द, बुखार या रात में गैस की वजह से नींद टूट रही है, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
गैस और ब्लोटिंग से बचने के आसान तरीके
खाना हमेशा धीरे-धीरे और चबा कर खाना चाहिए। ओवरईटिंग से बचना चाहिए और थोड़ा पेट खाली छोड़कर उठना चाहिए। डिनर हमेशा सोने से कम से कम 3 घंटे पहले करना चाहिए। साथ ही पानी पीना, हल्की एक्सरसाइज करना और फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाना भी जरूरी है।
घरेलू उपाय भी काफी मदद कर सकते हैं
खाने के बाद सौंफ चबाने से गैस कम बनती है और डाइजेशन बेहतर होता है। अजवाइन को भूनकर गुनगुने पानी के साथ लेने से भी राहत मिल सकती है। अदरक वाला पानी पेट की सूजन और गैस दोनों में मदद करता है। अगर गैस के साथ कब्ज भी है, तो त्रिफला जैसे हल्के आयुर्वेदिक उपाय फायदेमंद हो सकते हैं।
एक जरूरी बात हमेशा याद रखें
गैस को हमेशा छोटी समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह शरीर का संकेत होता है कि अंदर कुछ सही नहीं चल रहा। अगर समस्या बार-बार हो रही है, तो कारण समझना और सही इलाज करवाना जरूरी होता है। Health Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। अगर आपकी समस्या लंबे समय से बनी हुई है या गंभीर लक्षण मौजूद हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।





