ईरान का 3800 किमी दूर अमेरिकी बेस पर हमलाः 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं-मच गई तबाही!


वॉशिंगटन/तेहरान: हिंद महासागर में मौजूद अमेरिका और ब्रिटेन के जॉइंट मिलिट्री बेस डिएगो गार्सिया पर ईरान ने हमला किया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने डिएगो गार्सिया बेस पर मध्यम दूरी की दो मिसाइलें दागी हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों मिसाइलें अमेरिकी सैन्य अड्डे को भेद पाने में नाकाम नहीं और बेस को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, इसमें यह नहीं बताया गया कि ईरान ने ये मिसाइलें कब दागी थीं।

अमेरिका ने मिसाइल पर दागा इंटरसेप्टर
WSJ की रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही फेल हो गई, जबकि दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए एक अमेरिकी जंगी जहाज ने SM-3 इंटरसेप्टर दागा। यह पता नहीं चल पाया कि इंटरस्पेटर मिसाइल को रोकने में सफल रहा या नहीं।

ईरान की सीक्रेट मिसाइल?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने वॉइट हाउस और ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय से इस मामले पर टिप्पणी का अनुरोध किया लेकिन तत्काल कोई जवाब नहीं दिया गया। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यह पहली बार है जब ईरान ने डिएगो गार्सिया को निशाना बनाकर हमला किया है। इस हमले ने ईरान की मिसाइलों की क्षमता को लेकर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

ईरान की किसी मिसाइल में ये रेंज नहीं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक हैंडल से कहा गया कि ‘ईरान से डिएगो गार्सिया की दूरी 4118 किमी है। यह ईरान की अब तक ज्ञात किसी भी मिसाइल क्षमता से ज्यादा है।’ इसका मतलब है कि ईरान ने पिछले कुछ समय में अपनी मिसाइल क्षमता में काफी इजाफा किया है जिसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।

खास बात है कि डिएगा गार्सिया अमेरिकी सेंट्रल कमांड के क्षेत्र में नहीं आता है, जो मिडिल ईस्ट में ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभाल रहा है। हिंद महासागर का यह इलाक यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड क्षेत्र में स्थित है। ऐसे में साफ है कि युद्ध का दायरा बढ़ गया है और ईरान ने जबरदस्त तैयारी का प्रदर्शन किया है।

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