
तेहरान। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज सातवां दिन है। ईरान ने गुरुवार रात इजराइल पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, इन मिसाइलों में क्लस्टर बम लगे थे।
इजराइली सेना ने बताया कि जब ऐसी मिसाइल जमीन की ओर आती है तो उसका वारहेड हवा में ही खुल जाता है और करीब 20 छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिर जाते हैं। हर बम में लगभग 2.5 किलो विस्फोटक होता है और ये करीब 8 किलोमीटर के इलाके में फैल सकते हैं।
ये छोटे बम सीधे जमीन पर गिरते हैं और टकराते ही फट जाते हैं। इससे एक बड़े इलाके को खतरा हो सकता है, हालांकि हर छोटे बम का धमाका सामान्य बैलिस्टिक मिसाइल जितना ताकतवर नहीं होता। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यह साफ नहीं है कि ईरान ने ऐसी कुल कितनी मिसाइलें चलाई हैं, क्योंकि कई मिसाइलों को इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम ने रास्ते में ही गिरा दिया।
वहीं ईरान ने गुरुवार को बहरीन की सरकारी तेल रिफाइनरी BAPCO पर मिसाइल से हमला किया। इससे रिफाइनरी की एक यूनिट में आग लग गई। हालांकि बाद में आग काबू कर ली गई।
ट्रम्प ने खामेनेई के बेटे को उनका उत्तराधिकारी मानने से इनकार किया।
अमेरिका-इजराइल हमलों में ईरान में 1230 लोगों की मौत।
ईरान में अब तक 1300 हमले हुए, 14 मेडिकल सेंटर निशाना बने।
ईरान में कई जगह पानी और बिजली सप्लाई ठप हुई।
इजराइल ने ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर तबाह किए।
ईरान बोला- कुवैत-बहरीन और UAE में 20 अमेरिकी बेस को नुकसान हुआ।
ट्रम्प बोले- ईरान मेरे बिना सुप्रीम लीडर न चुने
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को उनके बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए नेता के चयन में अमेरिका की भूमिका जरूरी है और बिना अमेरिका की भागीदारी के ऐसा करना वक्त की बर्बादी होगी।
एक्सिओस को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि ईरान अगर अमेरिका को शामिल किए बिना नया सुप्रीम लीडर चुनता है तो इसका कोई मतलब नहीं होगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है, लेकिन वह इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नया नेता भी पुराने नेतृत्व की नीतियां जारी रखता है तो अमेरिका और ईरान के बीच आने वाले वर्षों में फिर टकराव हो सकता है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ऐसा नेता चाहता है जो ईरान में शांति और स्थिरता ला सके।
अमेरिका-इजराइल के हमले में 28 फरवरी को खामेनेई की मौत हो गई थी। ईरान ने एक दिन बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की थी। (फाइल फोटो)
अमेरिका-इजराइल के हमले में 28 फरवरी को खामेनेई की मौत हो गई थी। ईरान ने एक दिन बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की थी। (फाइल फोटो)
भारत ने खामेनेई की मौत पर शोक जताया
भारत ने पहली बार ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक जताया है। भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास जाकर खामेनेई के निधन पर संवेदना जताई। उन्होंने कंडोलेंस बुक (शोक पुस्तिका) पर हस्ताक्षर कर श्रद्धांजलि दी।




