Misbah ul Haq : पाकिस्तान क्रिकेट में इस समय सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़े बदलाव किए। सात खिलाड़ियों को बीच दौरे से वापस भेज दिया गया और हेड कोच सरफराज अहमद समेत दो कोचों को भी पद से हटा दिया गया। इसी पूरे घटनाक्रम के बाद चयन समिति से इस्तीफा देने वाले पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक ने PCB की कार्यप्रणाली पर जमकर सवाल उठाए हैं।

‘कॉस्मेटिक सर्जरी’ वाले बयान से PCB पर हमला
मिस्बाह उल हक ने पाकिस्तान क्रिकेट में अचानक किए जा रहे बदलावों को लेकर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि सिर्फ दबाव में आकर खिलाड़ियों और कोचों को बदलने से पाकिस्तान क्रिकेट की असली समस्या खत्म नहीं होगी। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। मिस्बाह ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट को घबराहट में लिए गए फैसलों के बजाय प्रदर्शन और परिस्थितियों का सही तरीके से विश्लेषण करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, बारबार तत्काल बदलाव करना किसी गंभीर बीमारी का स्थायी इलाज नहीं है।
उन्होंने इसी संदर्भ में इसे “कॉस्मेटिक सर्जरी” करार दिया। इंग्लैंड दौरे पर लगातार दो बड़ी हार के बाद PCB ने जिस तरह से सात खिलाड़ियों को घर भेजा और कोचिंग स्टाफ में बदलाव किया, उस पर पहले भी पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटर सवाल उठा चुके हैं। मिस्बाह का मानना है कि इस तरह के रिएक्टिव फैसले टीम को स्थिरता देने के बजाय और परेशानी बढ़ा सकते हैं।
विदेशी कोचों पर भी मिस्बाह ने उठाए सवाल
मिस्बाह ने PCB के एक और पहलू पर खुलकर बात की। उन्होंने विदेशी और स्थानीय कोचों के साथ होने वाले कथित अलग व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान में विदेशी कोचों को ज्यादा अधिकार और समर्थन मिलता है, जबकि स्थानीय कोच लगातार आलोचना के दबाव में रहते हैं।
उनका कहना है कि विदेशी कोच नियुक्त करने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन उनके लिए एक “सॉफ्ट कॉर्नर” नहीं होना चाहिए। स्थानीय कोचों को भी पर्याप्त समय, अधिकार और समर्थन मिलना जरूरी है।
भारत के क्रिकेट सिस्टम से सीखने की सलाह
मिस्बाह ने पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति की तुलना भारत के क्रिकेट सिस्टम से भी की। उन्होंने कहा कि भारत ने 1990 के दशक के बाद अपने सिस्टम में धीरेधीरे निवेश किया और लंबे समय तक एक प्रक्रिया पर काम किया। उनके मुताबिक पाकिस्तान को भी इसी तरह धैर्य और लंबे प्लान के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।
मिस्बाह का संदेश साफ है—पाकिस्तान क्रिकेट को बारबार चेहरे बदलने के बजाय अपनी बुनियादी व्यवस्था मजबूत करनी होगी। अब देखना होगा कि PCB उनकी इस कड़ी आलोचना के बाद अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।



