
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी केंद्र के निदेशक जो केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और कहा कि उनका दिल इस बात की गवाही नहीं देता कि वह ट्रंप प्रशासन के ईरान युद्ध का समर्थन करें। केंट ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान से ‘‘हमारे देश को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था, और यह स्पष्ट है कि हमने इस युद्ध की शुरुआत इजराइल तथा उसकी शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव के कारण की।’’ गत जुलाई में 44 के मुकाबले 52 मतों से केंट को उनके पद पर नियुक्त किया गया था।
अमेरिका में ईरान युद्ध को लेकर बेचैनी
केंट नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के प्रमुख के तौर पर, उस एजेंसी के प्रभारी थे जिसका काम आतंकवादी खतरों का विश्लेषण करना और उनका पता लगाना है। उनका इस्तीफा ट्रंप के समर्थकों के बीच इस युद्ध को लेकर बढ़ती बेचैनी को दर्शाता है। यह दिखाता है कि ईरान में बल प्रयोग के औचित्य को लेकर उठने वाले सवाल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के दक्षिणपंथी खेमे और प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों तक पहुंच चुके हैं।
ईरान पर हमले का बचाव कर रहे ट्रंप
ट्रंप ने इन हमलों के लिए अलग-अलग कारण बताए हैं। उन्होंने उन दावों को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि इजरायल ने अमेरिका को कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया। इस महीने की शुरुआत में, हाउस स्पीकर माइक जॉनसन (रिपब्लिकन-लुइसियाना) ने संकेत दिया था कि व्हाइट हाउस का मानना था कि इजरायल अपने दम पर कार्रवाई करने के लिए दृढ़ था, जिससे रिपब्लिकन राष्ट्रपति के सामने एक “बहुत ही कठिन फैसला” आ गया था।
केंट के इस्तीफे पर ट्रंप प्रशासन चुप
नेशनल इंटेलिजेंस निदेशक तुलसी गबार्ड के एक प्रवक्ता ने केंट के इस्तीफे के बारे में पूछे गए सवालों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। व्हाइट हाउस की ओर से भी केंट के इस्तीफे पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई।
नेता, सैन्य अधिकारी और जासूस रहे हैं कैंट
ट्रंप प्रशासन में शामिल होने से पहले, केंट ने वॉशिंगटन राज्य में कांग्रेस (संसद) के लिए दो असफल चुनाव लड़े थे। उन्होंने अमेरिकी सेना में काम दिया है, जहां उन्होंने ‘ग्रीन बेरेट’ के तौर पर 11 बार अलग-अलग जगहों पर तैनाती देखी। केंट ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA में भी काम किया।





