
आगरा। गैस संकंट के बीच उज्ज्वला योजना के तहत अब सभी उपभोक्ताओं को दूसरे गैस सिलेंडर के लिए 45 दिन का इंतजार करना होगा, चाहे वे ग्रामीण हों या शहरी। इस नए नियम का उद्देश्य सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर रोक लगाना और व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए एलपीजी रिफिलिंग के नियमों में सोमवार को बदलाव किया गया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। अब उज्ज्वला उपभोक्ताओं को दूसरे सिलिंडर के लिए 25 के बजाय 45 दिन का इंतजार करना होगा। इसके साथ ही विभाग ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बुकिंग के अंतराल में होने वाले अंतर को भी पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
जिले में कुल 12 लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं और प्रतिदिन करीब 150 टन एलपीजी की खपत होती है। उज्ज्वला योजना के तहत जिले के 3.41 लाख लाभार्थियों को अब नए नियमों के अनुसार ही गैस की आपूर्ति की जाएगी। पहले के प्रावधानों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन बाद गैस बुकिंग की सुविधा थी।
कालाबाजारी पर लगेगी लगाम
जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार के अनुसार जिले में एक समान व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब कोई भी उज्ज्वला उपभोक्ता 45 दिन की अवधि बीतने से पहले दूसरा सिलिंडर रिफिल नहीं करा सकेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलिंडर की कालाबाजारी रोकना है।
कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई बंद
एलपीजी संकट के बाद से शहर में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई बंद है। केंद्र सरकार ने 23 मार्च से होटल, ढाबा व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 50 प्रतिशत कॉमर्शियल गैस दिए जाने के आदेश दिए थे लेकिन उत्तर प्रदेश में यह आदेश लागू नहीं हो सका है। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि शादी वाले घरों से लेकर होटल, रेस्तरां और हलवाई तक कॉमर्शियल गैस मांग रहे हैं। सभी से उनकी डिमांड पूछी गई है।
मांग के मुताबिक मिलेगी 20 प्रतिशत गैस
मांग के मुताबिक 20 प्रतिशत गैस मिलेगी। इससे पहले उस प्रतिष्ठान की जांच होगी। पिछले तीन महीने में खर्च का औसत निकाला जाएगा। औसत मांग के आधार पर 20 प्रतिशत गैस मिलेगी। शहर में एक हजार से अधिक होटल, रेस्तरां हैं। 150 से पेठा इकाइयां और 2000 से अधिक हलवाई हैं। डीएसओ आनंद कुमार ने बताया कि प्रतिमाह करीब 40 हजार कॉमर्शियल सिलिंडर की खपत होती थी। नए नियम के मुताबिक करीब आठ हजार सिलिंडर ही उपलब्ध होंगे जिन्हें व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
शादी के लिए मिलेंगे सिलिंडर
जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार जिन घरों में शादियां हैं। उनके लिए कॉमर्शियल सिलिंडर की मांग शासन से की जाएगी। एक परिवार ने बेटियों की शादी के लिए पांच सिलिंडर मांगे हैं। अन्य मांग पत्र भी प्राप्त हुए हैं। तीनों कंपनियों से कॉमर्शियल सिलिंडर की डिमांड भेजी जा रही है।





