
Samudrik Shastra: सामुद्रिक शास्त्र में नाक की बनावट से मिलने वाले संकेतों के बारे में विस्तार से बताया गया है. जिस प्रकार शरीर पर मौजूद तिल और विशेष निशान भविष्य को लेकर खास संकेत देते हैं, उसी तरह नाक की बनावट से भी भविष्य के बारे में बहुत कुछ हासिल की जा सकती है. हर इंसान की नाक एक जैसी नहीं होती. किसी व्यक्ति की नाक लंबी होती है तो किसी की छोटी. जबकि, कुछ लोग सीधी नाक वाले होते हैं और कुछ लोगों की नाक टेढ़ी होती है. ऐसे में सामुद्रिक शास्त्र कहता है कि नाक की शेप व्यक्ति के व्यक्तित्व का आईना होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि किस तरह की नाक वाले लोग सबसे अधिक भग्यशाली माने जाते हैं.
सुडौल नाक
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, सुडौल, सीधी और देखने में सुंदर नाक भाग्यशाली व्यक्ति की निशानी होती है. ऐसे लोगों को समाज में खूब मान-सम्मान मिलता है. साथ ही ऐसे जातकों का जीवन स्थिर रहता है. ऐसे लोगों को नौकरी-व्यापार में खूब तरक्की मिलती है.
लंबी और ऊंची नाक
कहा जाता है कि जिन जातकों की नाम ऊंची और बड़ी होती है, वे बेहद धनवान माना जाते हैं. आमतौर पर ऐसे लोगों के पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं होती. ऐसे जातक अपने जीवन काल में तमाम भौतिक सुखों का आनंद देते हैं. इतना ही नहीं, ऐसे लोग समाज में भी खूब प्रतिष्ठा अर्जित करते हैं.
तोते जैसी नाक
सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक, अगर किसी जातक की नाक तोते की चोंच की तरह है, तो वह बुद्धि के मामले में औरों से आगे रहता है. ऐसे लोग कुशाग्र बुद्धि के स्वामी होते हैं. कहा जाता है कि ऐसे जातक स्वभाव से बहुत शालीन होते हैं और सरकारी नौकरी में ऊंचा ओहदा हासिल करते हैं.
छोटी और दबी हुई नाक
सामुद्रिक शास्त्र के जानकार बताते हैं कि जिन जातकों की नाक छोटी और दबी हुई होती है, वे साफ दिल इंसान होते हैं. ऐसे लोगों की सदगी ही सबसे बड़ी पहचान होती है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ये लोग धन को बहुत सोच-समझकर खर्च करते हैं और फिजूलखर्ची से कोसों दूर रहते हैं. इसके अलावा ऐसे लोगों दांपत्य जीवन का भी भरपूर सुख प्राप्त होता है.
नुकीली और पतली नाक
सामुद्रिक शास्त्र में बहुत अधिक नुकीली और पतली नाक को शुभ नहीं माना गया है. कहा जाता है कि अगर किसी जातक की नाक ऊपर से पतली और नीचे से अधिक चौड़ी हो, तो वह स्वभाव से चिड़चिड़ा और अहंकारी होता है. अहंकार और चिड़चिड़े स्वभाव की वजह से ऐसे हमेशा परेशान नजर आते हैं.
मोटी और छोटी नाक
सामुद्रिक शास्त्र की मानें तो आमतौर पर मोटी और छोटी नाक वाले जातक जीवन में कठिन संघर्षों का सामना करते हैं. ऐसे जातकों में सबसे बड़ा दोष होता है कि ये अपनों या बड़े-बुजुर्गों की सलाह को भी नहीं मानते हैं. ऐसे लोग स्वतंत्र छवि के होते हैं और उन्हें अकेले में जीवन बिताना अच्छा लगता है. समाज से इनका अधिक सरोकार नहीं होता.





