मेड ने ED अधिकारी बनकर अपने ही मालिक के घर मारा छापा, ₹4 लाख लूटे, पुलिस ने 350 CCTV फुटेज देखकर पकड़ा…

आरोपी मेड ने पूरी प्लानिंग के साथ फर्जी ईडी अधिकारी बनकर छापा मारा था, लेकिन मालकिन किसी तरह अपने वकील पोते से बात करने में सफल रहीं। ऐसे में वह ₹4 लाख लेकर भाग गई। हालांकि, बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

Fake Raid- India TV Hindi

दिल्ली की न्यू फेंड्रस कॉलोनी में एक नौकरानी ने अपने मालिक के घर ही फर्जी ईडी अधिकारी बनकर छापा मार दिया। छापेमारी के दौरान वह चार लाख रुपये भी लूटकर ले गई। हालांकि, पुलिस ने 350 सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपियों को पकड़ लिया। इसके साथ ही उनके पास से लूट के पैसे भी बरामद कर लिए। पुलिस ने बताया कि घरेलू सहायिका ने अपने ही मालिक के घर पर फर्जी ईडी रेड की साजिश रची थी। थाना न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के पुलिस स्टाफ ने 24 घंटे के भीतर सहयोगी सहित दूसरी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने फर्जी ईडी छापेमारी की साजिश रचने के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के साथ ही डिप्टी कमांडेंट की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र, एक पिस्तौल (लाइसेंस समाप्त), 7 घड़ियां और आभूषण बरामद किए गए हैं।

11 फरवरी को हुई थी लूट

थाना न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में 13 फरवरी को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया कि 11 फरवरी को सुबह लगभग 10 बजे, पुलिस की वर्दी पहने तीन अज्ञात व्यक्ति उनके घर में जबरन घुस आए। उन्होंने खुद को ईडी का अधिकारी बताया और तलाशी लेने की बात कही। उन्होंने कोई सर्च वारंट, अधिकार पत्र या पहचान प्रमाण दिखाने से इनकार कर दिया। आरोपियों ने परिवार को डराया-धमकाया, उनके मोबाइल फोन छीनकर बंद कर दिए और उन्हें किसी को फोन करने या मदद मांगने से रोकते हुए बंधक बना लिया। इसके बाद, आरोपियों ने उनसे सारा पैसा और कीमती सामान सामने रखने को कहा। डर के मारे शिकायतकर्ता ने लगभग ₹10–12 लाख (वैध  व्यावसायिक आय) से भरा बैग डाइनिंग टेबल पर रख दिया। आरोपियों ने फोटो खींचे और पीड़ित को गिरफ्तार करने की धमकी दी।

350 सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

छापेमारी के दौरान पीड़िता ऊषा सभरवाल अपने पोते कार्तिक सभरवाल से संपर्क किया। कार्तिक वकील हैं। यह जानकर आरोपी लगभग ₹3–4 लाख नकद लूटकर मौके से फरार हो गए। शुरुआती जांच के बाद 24 फरवरी को पुलिस ने मामला दर्ज किया। जांच टीम ने कम से कम 350 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और घटनास्थल से संदिग्ध कार के मार्ग का पीछा किया। फुटेज की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस सेक्टर 4, वैशाली, गाजियाबाद तक पहुंची। स्थानीय खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी की मदद से दो आरोपी महिलाओं की पहचान की गई और 25 फरवरी को रेखा देवी (शिकायतकर्ता की मेड) और उसकी ननद पूजा को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, रेखा के पति प्रकाश कुमार (आईटीबीपी कांस्टेबल), बेटे मनीष और देवर उपदेश सिंह थापा उर्फ पिंटू की तलाश जारी है।

पुरानी पिस्तौल भी बरामद

पूजा के घर की तलाशी के दौरान आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट की वर्दी, आईडी कार्ड, वायरलेस सेट बॉक्स, आभूषण और एक पुरानी पिस्तौल बरामद हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि मालिक बुजुर्ग थे और उनकी मदद के लिए घर में कोई नहीं था, इसलिए उन्होंने इस अवसर का लाभ उठाने की योजना बनाई। उन्होंने सोचा कि पीड़ित का पैसा और कीमती सामान हड़पने का यह सबसे आसान तरीका है।

तीन साल से काम कर रही थी आरोपी

पुलिस अधिकारी ने बताया कि फर्जी ईडी की रेड में लूट की घटना की शिकायत मिलते ही पुलिस ने छानबीन शुरू की और 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। सीसीटीवी कैमरे के एक बलेनो गाड़ी सामने आई, जिससे सभी ईडी अधिकारी बनकर छापेमारी करने पहुंचे थे। गाड़ी पर नंबर भी फर्जी था। उसके बाद मेड पर शक गहराया तब पुलिस ने मेड से पूछताछ शुरू की। मेड 3 साल से इस घर मे काम कर रही थी। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। मेड से ही पूछताछ में पूरी घटना का खुलासा हुआ है। इस मामले में अभी तीन आरोपी फरार है, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

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