
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में स्टील रेलिंग लगाने के टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ जगहों पर यह चर्चा हो रही थी कि यह ठेका किसी विशेष धर्म के व्यक्ति को दिया गया है, जिसके बाद साधु-संतों में नाराजगी देखने को मिली। इस पूरे मामले को लेकर अब जिला प्रशासन की तरफ से आधिकारिक बयान सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक कुछ संतों और संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर आपत्ति जताई थी और इस संबंध में प्रदेश सरकार को भी पत्र लिखा गया था। उनका कहना था कि मंदिर से जुड़े कार्यों में स्थानीय लोगों और पारंपरिक ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इस विवाद पर मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों पर गलत जानकारी फैल रही है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उनके अनुसार मंदिर में रेलिंग लगाने का काम नियमों और प्रक्रिया के अनुसार एक कंपनी को दिया गया है।
डीएम ने बताया कि मंदिर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई थी। उसी प्रक्रिया के तहत मेरठ की एक निर्माण कंपनी को यह कार्य सौंपा गया। प्रशासन का कहना है कि ठेका देते समय किसी व्यक्ति या कंपनी के धर्म को आधार नहीं बनाया जाता, बल्कि तय नियमों और प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस मामले में अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों के अनुसार यह काम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।




