
वाराणसी के यूपी कॉलेज में लंबे समय के बाद ऐसा मंजर देखा गया, जब किसी छात्र की दिनदहाड़े कैंपस में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई. हत्या की इस वारदात से पूरे दिन वाराणसी में गहमागहमी का माहौल रहा. पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी यूपी कॉलेज में डेरा डाल लिए, ताकि छात्रों के गुस्से को शांत कराया जा सके. खुद वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल मौके पर पहुंचे और हालात को संभाला. हालांकि तब तक छात्र कैंपस में तोड़फोड़ और पथराव कर चुके थे, जिसमें कुछ शिक्षक घायल भी हुए. कैंपस से लेकर भोजूबीर मार्केट में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया. देर शाम तक जब हत्या आरोपी गिरफ्तार हुआ तो जाकर छात्रों को गुस्सा शांत हुआ. आइए जानते हैं यूपी कॉलेज का पूरा घटनाक्रम…
इस समय में परीक्षाओं का मौसम चल रहा है. आज भी छात्र-छात्रा अपनी परीक्षाएं देने पहुंचे थे. अचानक सुबह 10 बजे आर्ट फैकल्टी में एक छात्र खड़ा होकर दूसरे छात्र, जो कि गिरा हुआ है, उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला रहा है. गोलियां चलाने के बाद सीढ़ियों से होता हुआ फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचा और फिर भागते हुए फर्स्ट फ्लोर के पीछे पहुंचा और कूद कर नीचे झाड़ियों में पिस्टल फेंकते हुए भाग निकला.
प्रिंसिपल ने दोनें समझाया, फिर भी हो गई लड़ाई
छात्रों ने दोनों को पहचान लिया था. जिस छात्र को चार गोलियां मारी गई थीं, वो BSC सेकेंड ईयर का ‘सूर्या’ था और गोली मारकर भागने वाला छात्र BA सेकेंड ईयर का था. दोनों अपना-अपना असाइनमेंट जमा करने पहुंचे थे. असाइनमेंट जमा करने से पहले प्रिंसिपल धर्मेंद्र कुमार सिंह ने दोनों को समझाया था कि वो आपस में लड़ाई झगड़ा न करें, लेकिन प्रिंसिपल के समझाने के तुरंत बाद ही दोनों में फिर से मारपीट शुरू हो गई.

थोड़ी ही देर बाद मंजीत अपने साथी अनुज के साथ पिस्टल लेकर दौड़ता नजर आया. सूर्या पहले तो भागा, लेकिन एक गोली लगने के बाद नीचे गिरा और फिर एक के बाद एक मंजीत ने कई गोलियां दाग दीं और वहां से फरार हो गया. साथी छात्र सूर्या को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. छात्र के मृत घोषित होने की खबर पहुंचते ही कैंपस में छात्रों ने बवाल शुरू कर दिया. तोड़फोड़ शुरू हो गई और कैंपस बंद करा दिया गया.
प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग
भोजूबीर मार्केट भी बंद करा दिया गया. मौके पर वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल भारी पुलिस फोर्स के साथ यूपी कॉलेज पहुंचे. आरोपी मंजीत की बाइक छात्रों ने पूरी तरह तोड़ दी और कैंपस में भी कई गाड़ियां तोड़ी गईं. पथराव में कुछ शिक्षकों को चोट भी आई. छात्र धरने पर बैठ गए. आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग करने लगे. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के समझाने-बुझाने के बाद छात्र शांत हुए, लेकिन अपनी मांग पर अड़े रहे.
दोनों कई बार आमने-सामने आए
करीब 10 दिन से सूर्या चिकन पॉक्स के कारण गाजीपुर में था, लेकिन प्रिंसिपल के बुलाने पर वो आज कॉलेज आया था. गाजीपुर जाने से पहले भी सूर्या और मंजीत की आपस में मारपीट हुई थी. पिछले एक साल में दोनों में कई बार आपसी झगड़ा हो चुका था. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। छात्रों के मुताबिक, दोनों में वर्चस्व की लड़ाई थी और दोनों आपस में रंजिश रखते थे. प्रिंसिपल दोनों को समझा-बुझाकर झगड़ा खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों में फिर से झगड़ा हुआ और ये दोनों के बीच आखिरी झगड़ा साबित हुआ. फिलहाल इस मामले में मुख्य आरोपी मंजीत की गिरफ्तारी हो गई है, जबकि अनुज की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है.

क्या बोले मंत्री रविंद्र जायसवाल?
वहीं घटना को लेकर मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि मैंने इसको पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से बात की है. किसी भी कीमत पर अपराधी बक्सा नहीं जाएगा. पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया गया है कि आज रात तक किसी भी हालत में आरोपी की गिरफ्तारी हो जाए. मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि यह दो छात्रों के आपसी विवाद का मामला था. पुलिस इसकी जांच कर रही है.
मंजीत पर पहले से दर्ज हैं केस
यूपी कॉलेज के छात्रों की मांग है कि मंजीत और अनुज का एनकाउंटर किया जाए. साथ ही प्रिंसिपल और चीफ प्रॉक्टर का इस्तीफा हो. छात्रों ने पूछा कि आपराधिक परिष्ठभूमि के छात्रों का एडमिशन क्यों लिया जा रहा है? मंजीत चौहान और सूर्य प्रताप सिंह के बीच पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका था. ये बात प्रिंसिपल जानते थे. दोनों को एक साथ बुलाकर समझाने की जगह दोनों को अलग-अलग बुलाकर क्यों नहीं समझाया गया? यही नहीं मंजीत के ऊपर शिवपुर थाने में 323 का मुकदमा दर्ज है, जबकि उसके साथी अनुज पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं.



