शांति वार्ता फेल होते ही भड़के नेतन्याहूः हमें जड से मिटाने की खसम खाने वालो, अब हम…!


नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद इजरायल की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान उसके परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को कुचलने में सफल रहा है।

नेतन्याहू ने कहा कि यह अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यह पहले से ही स्पष्ट है कि हमने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। ईरान ने हमें चारों ओर से घेरकर गला घोंटने की कोशिश की थी। गाजा में हमास, लेबनान में हिजबुल्लाह, सीरिया में असद शासन, इराक में मिलिशिया, यमन में हूती।

उन्होंने कहा कि ईरान खुद हमारा गला घोंटना चाह रहा था, लेकिन हम उनका गला घोंट रहे हैं। उन्होंने हमें पूरी तरह खत्म करने की धमकी दी थी और अब ने खुद बचने के लिए लड़ रहे हैं। यह सब 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के साथ शुरू हुआ था।नेतन्याहू की ये टिप्पणियां तब आईं जब शनिवार को पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई, जो बाद में रविवार को बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।

अमेरिका-ईरान में विफल रही शांति वार्ता
बेंस ने अपने बयान में कहा, ‘बुरी खबर यह है कि किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं, और मुझे लगता है कि यह ईरान के लिए ज्यादा बुरी खबर है, न कि अमेरिका के लिए। इसलिए हम बिना किसी समझौते पर पहुंचे अमेरिका वापस जा रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘हमने बहुत साफ कर दिया है कि रेड लाइन्स क्या हैं, किन चीजों पर हम उनके साथ समझौता करने को तैयार हैं और किन चीजों पर नहीं। हमने इसे जितना हो सके उतना साफ कर दिया है, लेकिन उन्होंने हमारी शर्तें मानने से इनकार कर दिया है।’

ईरान ने अमेरिका पर मढ़ा दोष
ईरान ने बातचीत की विफलता का दोष अमेरिका की अनुचित मांगों पर मढ़ा। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ईरान के सरकारी मीडिया IRIB ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कई पहलें सामने रखीं, लेकिन अमेरिकी पक्ष ने प्रगति को रोक दिया, जिससे बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।

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