
मेरठ के मवाना में मिली युवती की जली हुई लाश अर्चिता अरोड़ा की नहीं, बल्कि तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत की थी। मुहब्बत 15 साल पहले भारत आई थी और सेक्स रैकेट गिरोह के जाल में फंस गई थी।
Meerut News: मेरठ में परतापुर के होटल में 16/17 फरवरी की रात जिस युवती की हत्या कर लाश को मवाना में फेंका था, वो अर्चिता अरोड़ा नहीं, बल्कि रूस के तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत थी। इस बात का खुलासा मुहब्बत की परिचित महिला, मोबाइल कॉल डिटेल, पासपोर्ट और आधार कार्ड से हो रहा है। खुलासा हुआ कि करीब 15 साल पहले मुहब्बत भारत आई थी और यहां किसी गिरोह के जाल में फंस गई थी। युवती की मां से भी संपर्क किया गया है, जिसके बाद पहचान की पुष्टि हो रही है। मेरठ पुलिस को इस संबंध में खुलासे वाले दिन से ही जानकारी थी कि मृतका तुर्कमेनिस्तान की मुहब्बत थी, लेकिन उसकी पहचान छिपाई गई।
क्या है मामला
मवाना में मेरठ-बिजनौर हाईवे पर भगवती फार्म हाउस के पास ही एक खेत में 21 फरवरी को युवती की लाश मिली थी। पहचान छिपाने के लिए चेहरे को किसी ज्वलनशील पदार्थ से जलाया गया था। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल शुरू की। इसके बाद परतापुर के अविका होटल के मालिक कांग्रेस नेता चंचल कुमार उर्फ बंटी, गुरमुश उर्फ अरविंद, संदीप उर्फ सिट्टू और विवेक उर्फ काका को गिरफ्तार किया। खुलासा हुआ कि मृतका का नाम अर्चिता अरोड़ा था और वह दिल्ली की रहने वाली थी।
अर्चिता को अविका होटल के मालिक चंचल ने मेरठ होटल में बुलाया था। होटल में ही कुछ रकम को लेकर विवाद होने के बाद युवती ने रेप केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद 16/17 फरवरी की रात चंचल ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी। इसके बाद लाश को क्रेटा कार की डिग्गी में डालकर यहां मवाना में लाकर फेंका था।
चंडीगढ़ की सहेली ने किया खुलासा
पुलिस को मृतका का आधार कार्ड बरामद हुआ, जिसमें नाम अर्चिता अरोड़ा पुत्री सरबजीत अरोड़ा निवासी 1811, दूसरा फ्लोर साउथ एक्स कोटला मुबारकपुर लोधी रोड मध्य दिल्ली पता दर्ज था। इसमें जन्मतिथि 27 अप्रैल 1984 दर्ज मिली। पुलिस ने छानबीन की तो दिल्ली के पते पर कोई पहचान तस्दीक नहीं हुई। पुलिस यहां से चंडीगढ़ और फिर पंचकुला तक पहुंची।
पुलिस को अर्चिता का जो मोबाइल नंबर मिला था, उससे आखिरी कॉल चंडीगढ़ निवासी एलीना को कॉल की गई थी। एलीना से 25 फरवरी को दरोगा सुमित कुमार ने संपर्क किया तो खुलासा हुआ कि मृतका अर्चिता अरोड़ा नहीं, बल्कि तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत है। बताया कि वह करीब 15 साल से भारत में रह रही थी।
मुहब्बत को किसी गिरोह ने जाल में फंसाया और देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया था। एलीना ने ही खुलासा किया कि 12 फरवरी को मुहब्बत मेरठ आई थी और 16 फरवरी की रात से कोई संपर्क नहीं है।
डीएनए जांच से हो सकता है खुलासा
पुलिस ने बरामद लाश का डीएनए सैंपल जांच के लिए सुरक्षित कराया है। वहीं, मुहब्बत के परिवार से डीएनए सैंपल लेकर पुलिस मिलान करा सकती है। हालांकि मुहब्बत की मां नाहमदिनोवा गुलनारा अभी पैसे की कमी के चलते भारत आने में असमर्थ हैं। ऐसे में देखना ये है कि पुलिस कब तक इस पूरे हत्याकांड का पूरा और सही खुलासा करेगी।
फोटो मुहब्बत का, आधार कार्ड किसी और का
मुहब्बत का जो आधार कार्ड मिला, उस पर नाम अर्चिता अरोड़ा है, लेकिन फोटो मुहब्बत का ही लगा है। एलीना ने इस पूरे घटनाक्रम और मुहब्बत की हत्या किए जाने की बात तुर्कमेनिस्तान में रहने वाली उसकी मां नाहमदिनोवा गुलनारा को बताई। उन्होंने ही मुहब्बत की कुछ अन्य फोटो एलीना और मुहब्बत की दोस्त अजीजा के माध्यम से मेरठ पुलिस को उपलब्ध कराई।
एसपी देहात अभिजीत कुमार के अनुसार मृतका अर्चिता अरोड़ा का जन्मस्थान तुर्कमेनिस्तान बताया गया है। पिता सरबजीत अरोड़ा भारत के निवासी हैं, जबकि मां तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली है। पंजाब की रहने वाली एलीना ने मृतका की पहचान मुहब्बत के रूप में की है। पासपोर्ट भी मंगवाया गया है। जांच की जा रही है।


