
कानपुर में सोशल मीडिया पर नॉनवेज खाते हुए पुजारी की कथित तस्वीर वायरल होने के बाद मंदिर परिसर में विवादास्पद घटना सामने आई। रविवार रात भूतेश्वर मंदिर में आक्रोशित श्रद्धालुओं ने गोलू पंडित की पिटाई कर दी। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।
Kanpur News: यूपी के कानपुर में नॉनवेज खाते हुए फोटो वायरल होने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा पीटे गए आवास-विकास के भूतेश्वर मंदिर के कथित पुजारी का पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया है। पुलिस के मुताबिक न तो पिटाई के शिकार बने पुजारी ने कोई शिकायत की न ही पीटने वालों की ओर से कोई तहरीर दी गई। ऐसे में शांतिभंग में चालान कर उसे छोड़ दिया गया है।
केशवपुरम के रहने वाले कथित पुजारी गोलू पंडित का कुछ दिनों पहले नॉनवेज खाते हुए पुराना फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। आक्रोशित लोगों ने रविवार रात गोलू को मंदिर में देखकर उसे पीटना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि गोलू भी कभी-कभी मंदिर आकर पूजा-पाठ कराता था। उसके द्वारा मांसाहार करने से लोगों की भावनाएं आहत हुईं। कुछ आक्रोशित लोगों ने गोलू की पिटाई कर दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो और नॉनवेज खाते फोटो की पुष्टि नहीं करता है। मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस किसी तरह भीड़ से मुक्त कराकर गोलू को थाने लाई थी। पुलिस ने गोलू का शांतिभंग में चालान कर दिया। रावतपुर इंस्पेक्टर कमलेश राय ने बताया कि गोलू भूतेश्वर मंदिर के पुजारी का बेटा है।
दरअसल, मांसाहारी भोजन करते हुए कथित तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कुछ लोगों की भीड़ ने मंदिर के पुजारी पर हमला कर दिया था। पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार रात भूतेश्वर मंदिर की है। वहीं, वायरल तस्वीर को लेकर करीब 50-60 लोग मंदिर परिसर के बाहर जमा हो गए और पुजारी से स्पष्टीकरण मांगने लगे। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। जब पुजारी ने मंदिर परिसर से बाहर जाने से इनकार किया तो भीड़ के कुछ लोग मंदिर में घुस गए और उन्हें बाहर खींचकर तस्वीर के बारे में पूछताछ करने लगे। इसी दौरान बहस बढ़ गई और कुछ लोगों ने पुजारी को थप्पड़ मारते हुए कथित तौर पर उनकी पिटाई कर दी।
पुजारी का शांतिभंग में चालान
नॉनवेज खाते हुए फोटो वायरल होने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा पीटे गए आवास-विकास के भूतेश्वर मंदिर के कथित पुजारी का पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया है। पुलिस के मुताबिक न तो पिटाई के शिकार बने पुजारी ने कोई शिकायत की न ही पीटने वालों की ओर से कोई तहरीर दी गई। ऐसे में शांतिभंग में चालान कर उसे छोड़ दिया गया है।
बदनाम करने के लिए शेयर की गई फोटो
इस मामले में प्रशांत गिरी ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग उन्हें मंदिर से हटाना चाहते हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई तस्वीर या तो पुरानी है या उन्हें बदनाम करने के लिए छेड़छाड़ कर साझा की गई है।


