
जंग के बीच अमेरिका ईरान के तेल पर लगे बैन में ढील दे सकता है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से कहा कि ट्रम्प सरकार ईरान से जो तेल पहले से बाहर जा रहा है, उस पर लगी पाबंदियां कुछ समय के लिए हटा सकती है।
ईरान पर भले ही अमेरिकी पाबंदियां लगी हों, लेकिन फिर भी ईरान कुछ देशों को चोरी-छिपे या खास तरीकों से तेल बेच रहा है। अब अमेरिका यह सोच रहा है कि जो तेल वैसे भी बाजार में आ रहा है, उस पर लगी पाबंदियों को कुछ समय के लिए ढीला कर दिया जाए, ताकि सप्लाई खुलकर बढ़ सके और कीमतें कम हो सकें।
इसी बीच ओमान ने इस जंग को लेकर अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने ईरान के साथ जंग को ट्रम्प सरकार की ‘सबसे बड़ी गलती’ बताया है। उन्होंने कहा कि यह जंग वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा रही है।
अलबुसैदी ने यह भी कहा कि अमेरिका की विदेश नीति पटरी से उतरती दिख रही है और इस संघर्ष से किसी पक्ष को फायदा नहीं होगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि जल्द से जल्द इस जंग को खत्म कराने के लिए कदम उठाए जाएं।
8 मिनट पहले
ईरान के तेल पर बैन हटा सकता है अमेरिका
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ट्रम्प सरकार पहले से भेजे जा रहे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी तौर पर हटा सकता है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उनका मकसद युद्ध के बीच बढ़ती तेल कीमतों को काबू में रखना है। उन्होंने फॉक्स बिजनेस से बातचीत में कहा, “असल में हम अगले 10 से 14 दिनों तक कीमतें नीचे रखने के लिए ईरानी तेल का इस्तेमाल खुद ईरान के खिलाफ करेंगे, जबकि हमारा अभियान जारी रहेगा।”
18 मिनट पहले
अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- बाइडेन की वजह से हथियार भंडार कमजोर
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर आरोप लगाया कि उन्होंने 2022 में रूस के यूक्रेन पर बड़े हमले के बाद यूक्रेन को हथियार और सैन्य उपकरण देकर अमेरिका के हथियार भंडार को कमजोर कर दिया।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक बाइडेन प्रशासन ने ज्यादातर यूक्रेन को जमीन से इस्तेमाल होने वाले हथियार और सैन्य वाहन दिए थे। उन्होंने टॉमहॉक मिसाइल जैसे महंगे और उन्नत हथियार बड़े पैमाने पर नहीं दिए, जबकि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में ऐसे हथियारों का ज्यादा इस्तेमाल किया है।
31 मिनट पहले
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने युद्ध के मीडिया कवरेज की निंदा की
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मिडिल ईस्ट युद्ध की मीडिया कवरेज की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ‘बेईमान और ट्रम्प विरोधी मीडिया’ हमारी कामयाबी को कम करके दिखा रही है।
उन्होंने कहा कि मीडिया ने लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है, जबकि हकीकत इससे अलग है।
हेगसेथ के मुताबिक, अमेरिका इस युद्ध में ‘अपनी शर्तों पर निर्णायक बढ़त’ बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का टारगेट ईरान की मिसाइल क्षमता और डिफेंस इंडस्ट्री को कमजोर करना और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
41 मिनट पहले
ईरान में अंदर तक हमले कर रहा अमेरिका
अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी सेना अब ईरान के अंदर तक हमले कर रही है। इसका मकसद ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक ताकत को कमजोर करना है।
उन्होंने गुरुवार को ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिकी सेना ने जमीन के नीचे बने ठिकानों पर 5000 पाउंड के खास बम (बंकर तोड़ने वाले) इस्तेमाल किए हैं। इन ठिकानों में क्रूज मिसाइलें रखी गई थीं।
उन्होंने कहा, “इन हथियारों को इस तरह बनाया गया है कि ये कंक्रीट को भेदकर अंदर तक पहुंच सकें और उसके बाद भी काम करें।”
केन के मुताबिक, अमेरिकी सेना समुद्री बारूदी सुरंग (माइन) रखने वाले ठिकानों, नौसैनिक डिपो और जहाजों को भी निशाना बना रही है। अब तक 120 से ज्यादा जहाज और कई माइन बिछाने वाले प्लेटफॉर्म नष्ट किए जा चुके हैं।
56 मिनट पहले
इजराइल पर पत्रकारों को निशाना बनाने का आरोप, RT क्रू घायल
इजराइल पर लेबनान में मीडिया कर्मियों पर हमले का आरोप लगा है। रूसी मीडिया चैनल RT के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में कवरेज कर रहे उसके क्रू को इजराइली सेना ने निशाना बनाया, जिसमें रिपोर्टर अली रिदा घायल हो गए।
RT की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि क्रू ने ‘प्रेस’ लिखी हुई जैकेट पहन रखी थी, इसके बावजूद उन पर हमला किया गया। हमले का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें क्रू पर सीधा हमला होता दिख रहा है।
12:48 PM
19 मार्च 2026
भारत ने मिडिल ईस्ट में एनर्जी इन्फ्रास्क्चर पर हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और इन्हें तुरंत रोकने की मांग करता है।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पहले ही कह चुका है कि नागरिक इन्फ्रास्ट्रक्चर खासकर एनर्जी से जुड़ी फैसलिटीज को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
जानकारी के मुताबिक ईरान ने सऊदी के यानबू में सामरेफ रिफाइनरी पर हमला किया था। इसके अलावा कुवैत और कतर के एनर्जी फैसिलिटीज पर भी हमले किए गए।
12:36 PM
19 मार्च 2026
रिपोर्ट- ट्रम्प को ईरानी ऊर्जा ठिकाने पर होने वाले हमले की जानकारी थी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने बुधवार को कहा था कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजराइल के हमले के बारे में अमेरिका को ‘कुछ भी जानकारी नहीं थी’। यह दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार माना जाता है।
लेकिन इस दावे के उलट, हमले से जुड़े एक इजराइली सूत्र ने CNN को बताया कि यह हमला अमेरिका को बताकर किया गया था। वहीं, एक और अमेरिकी सूत्र ने भी कहा कि अमेरिका को इस हमले की जानकारी थी।
साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को युद्ध में बड़ा उकसावा (एस्केलेशन) माना जा रहा है। इससे पहले इजराइल, ईरान के कुछ एनर्जी डिपो पर हमले कर चुका था, लेकिन बुधवार तक उसने तेल और नैचुरल गैस से जुड़े ठिकानों को निशाना नहीं बनाया था।
पार्स गैस फील्ड पर हमले से नाराज ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों के बड़े ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया। कतर ने कहा कि उसके मुख्य ऊर्जा केंद्र रास लाफान में भारी नुकसान हुआ है।
इन जवाबी हमलों के कारण ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि रास लाफान को हुआ नुकसान लंबे समय तक वैश्विक गैस की कमी पैदा कर सकता है।
12:32 PM
19 मार्च 2026
मेरिकी रक्षा मंत्री बोले- शहीद सैनिकों के परिवारों ने कहा, पीछे न हटें
हेगसेथ ने कहा कि युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के परिवारों ने सरकार से अपील की है कि इस लड़ाई को अधूरा न छोड़ा जाए और मिशन पूरा किया जाए।
उन्होंने बताया कि डोवर एयर फोर्स बेस पर शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर के आगमन के दौरान परिवारों ने उनसे कहा, “उनकी कुर्बानी का सम्मान करें, पीछे न हटें और जब तक काम पूरा न हो जाए, रुकें नहीं।”
हेगसेथ ने यह भी कहा कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ही करेंगे।





