मुनीर का जासूस नंबर एक नाम अजीजुल हक है। मुनीर का जासूस नंबर दो नाम मोहम्मद जहलुदुल इस्लाम।मुनीर का जासूस नंबर तीन नाम एमडी उजाद। मुनीर का जासूस नंबर चार नाम मिजानूर रहमान है। मुनीर का जासूस नंबर पांच नाम एमडी लिटन है। मुनीर का जासूस नंबर छह नाम एमडी उमर फारूक। यह सभी आसिम मुनीर के जासूस रहते हिंदुस्तान में थे। खाते हिंदुस्तान का थे। लेकिन ये सभी हिंदुस्तान के दुश्मन नंबर एक मुनीर के लिए काम करते थे। पाकिस्तान के लिए जासूसी करते थे। हिंदुस्तान को दहलाने की साजिश रच रहे थे। हिंदुस्तान में रहकर पाकिस्तान के लिए काम करने वाले मुनीर के आठ जासूसों को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा है। इनमें से छह को पुलिस ने तमिलनाडु से पकड़ा है। जबकि दो की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल से हुई है।
पकड़े गए सभी संदिग्ध बांग्लादेशी हैं। यह सभी अपनी पहचान छिपाकर फर्जी आधार कार्ड के जरिए तमिलनाडु के एक गारमेंट कंपनी में काम कर रहे थे। लेकिन इनका असली काम सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट से पाकिस्तान के समर्थन में पोस्ट करना था। सोशल मीडिया पर आसिम मुनीर की वाहवाही करते थे। आतंकी संगठनों के समर्थन में पोस्ट करते थे। यह हिंदुस्तान के खिलाफ जहर उगलते थे। एंटी इंडिया पोस्टर चिपकाते थे और जो इनके पोस्टर पर कमेंट करता उन्हें यह अपनी आतंकी दस्ते में शामिल करने की कोशिश करते थे। पकड़े गए सभी संदिग्धों की मदद से पाकिस्तान में बैठे आतंकी देश में धमाके की बड़ी साजिश रच रहे थे।
आपको बता दें कि जितने भी आतंकी पकड़े गए हैं उनमें सबसे बड़ी चीज यह है कि वो सभी पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स के जरिए काम कर रहे थे। इतना ही नहीं बाहर से जो फॉरेन टेररिस्ट की जो यहां पर प्लानिंग थी यहां लेकर आने की और उसके बाद बड़ी साजिशें करने की प्लानिंग थी यह भी यही रच रहे थे।
अगर दिल्ली पुलिस इन्हें नहीं पकड़ती तो ये हिंदुस्तान को दहलाने की पूरी तैयारी कर चुके थे। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यह लोगों की भावनाओं को भड़का कर दंगा कराने की प्लानिंग भी कर रहे थे। इसके लिए सोशल मीडिया के जरिए जहरीले भड़काऊ पोस्ट लगातार डाल रहे थे। किसी बड़ी अनहोनी घटना को प्रिवेंट कर लिया गया है। इससे पहले यह कुछ कर पाते। टीम जो है फिर तमिलनाडु गई और वहां पर तमिलनाडु पुलिस की हेल्प से छह लोगों को और जो कि सभी के सभी बांग्लादेश नेशनल्स हैं उन छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।





