गयाजी। निर्जला एकादशी 25 जून को मनाई जाएगी। इस अवसर पर विष्णुपद मंदिर और देवघाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। 24 जून की शाम से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु विष्णुपद क्षेत्र पहुंचने लगेंगे।

24 जून की दोपहर से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु मंदिर परिसर और घाटों पर रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद 25 जून की सुबह से श्रद्धालु विष्णुपद मंदिर और देवघाट में पूजाअर्चना कर अपने घरों को लौटेंगे।

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि 24 जून शाम 6:12 बजे से शुरू होकर 25 जून रात 8:09 बजे तक रहेगी। यहां मान्यता है सूर्योदय की तिथि यानी उदयातिथि को देखते हुए यह व्रत 25 जून को रखा जाएगा।

डीएम और एसएसपी ने किया तैयारियों का निरीक्षण
निर्जला एकादशी को लेकर की जा रही तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने मंगलवार शाम विष्णुपद मंदिर एवं देवघाट का निरीक्षण किया।

मंदिर के पुरोहितों ने बताया कि सुबह 9 बजे से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगते हैं। रात 11 बजे मंदिर बंद होता है, जबकि सुबह 3 बजे मंदिर का पट खुल जाता है। श्रद्धालु पूरी रात मंदिर और देवघाट क्षेत्र में विश्राम करते हैं।

स्नानागार और शौचालय व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश
जिला प्रशासन ने देवघाट पर स्थापित सभी महिला एवं पुरुष स्नानागारों को चालू रखने का निर्देश दिया है, ताकि श्रद्धालु आसानी से स्नान कर पूजाअर्चना कर सकें। विष्णुपद देवघाट परिसर में 38 पुरुष शौचालय, 30 महिला शौचालय, तीन स्नानागार और 50 चेंजिंग रूम उपलब्ध हैं। सभी सुविधाओं की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सफाई, फोगिंग और रोशनी की होगी विशेष व्यवस्था
नगर आयुक्त ने बताया कि आउटसोर्सिंग एजेंसी के साथसाथ नगर निगम के सफाईकर्मी भी दो पालियों में लगातार सफाई कार्य करेंगे। शौचालयों की सफाई व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए फोगिंग एवं स्प्रिंकल मशीन के माध्यम से पानी का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही घाट और घाट तक जाने वाले मार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।

पेयजल के लिए लगाए जाएंगे टैंकर
अत्यधिक गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं को पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए विष्णुपद क्षेत्र के तीन अलगअलग स्थानों पर पानी के टैंकर लगाए जाएंगे। इसके अलावा सुधा डेयरी की ओर से भी शुद्ध एवं ठंडे पेयजल के टैंकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराना है।

मंदिर परिसर में होगी जिगजैग बैरिकेडिंग
श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए मंदिर प्रांगण में मजबूत रस्सियों से जिगजैग बैरिकेडिंग कराई जाएगी, ताकि दर्शन के लिए कतारबद्ध व्यवस्था बनी रहे।

गर्मी से राहत देने के लिए मंदिर परिसर में मैट और दरियां बिछाने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर वाटर कूलर और पंखे भी लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।