
सोना, चांदी में कब तक गिरावट रहेगी? इन्हें खरीदना कब सही रहेगा? हमारे पास जो सोना-चांदी है क्या उसे बेच दें? क्या कॉपर (तांबा) खरीद लें? ये ऐसे सवाल हैं जिन्हें इन दिनों लगभग हर शख्स किसी दूसरे शख्स से पूछ रहा है। ज्वेलर्स के पास सोना-चांदी के भाव को लेकर लगातार फोन आ रहे हैं। दरअसल, इन दिनों सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। पिछले साल इन धातुओं में जबरदस्त तेजी आई थी। साल 2025 में सोने ने करीब 70 फीसदी, चांदी ने करीब 170 फीसदी और कॉपर ने 50 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया था। इस साल के शुरू में भी इन तीनों धातुओं में तेजी रही। लेकिन जनवरी में आखिरी में और इस समय फरवरी में इनमें ऐसी गिरावट आई कि सब कुछ बदल गया।
कुछ ही दिनों में आई जबरदस्त तेजी
29 जनवरी को तीनों धातुओं (सोना, चांदी और कॉपर) की कीमत अपने शिखर पर थी। एमसीएक्स पर सोना प्रति ग्राम 1.93 लाख रुपये, चांदी प्रति किलोग्राम 4.20 लाख रुपये और कॉपर प्रति किलोग्राम 1480 रुपये पर था। पिछले एक साल में तीनों धातुओं की कीमत में बेहताशा तेजी आई थी और ये निवेशकों की आंखों में चढ़ गईं। लोग इन धातुओं में जबरदस्त निवेश करने लगे। चांदी में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे 2 से 3 लाख तक पहुंचने में करीब 1 महीना और 3 लाख से 4 लाख रुपये तक पहुंचने में मात्र 10 दिन लगे थे।
तीन दिन में धड़ाम हो गई कीमत
सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों में जबरदस्त उछाल से वे निवेशक खुश थे, जिन्होंने इसमें निवेश किया हुआ था। जो लोग इन धातुओं को खरीदना चाहते थे, उनसे ये लगातार दूर हो रही थीं। 29 जनवरी से अगले ही दिन यानी 30 जनवरी से इनकी कीमत में एक मोड़ आता है और ये धड़ाम हो जाती हैं। तीन दिन तक कीमत लगातार गिरी। निवेशकों में हलचल मच गई। जिस समय इन धातुओं की कीमत गिरी, कुछ नए निवेशकों ने इसे खरीद लिया। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। 2 फरवरी को इनमें कुछ तेजी आई। निवेशकों की उम्मीदें लौटीं लेकिन ये धातुएं पुरानी कीमत पर नहीं लौट पाईं। दो दिन की कुछ तेजी के बाद फिर से कीमतों में गिरावट आ गई।
8 दिन में बदल गई तीनों धातुओं की दुनिया
सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों में 8 दिनों में बड़ा बदलाव आया है। इस बदलाव की कहानी शुरू हुई 29 जनवरी 2026 से ही शुरू हुई थी, जब इन धातुओं की कीमत अपने शिखर पर थी। और उसी दिन यानी 29 जनवरी की रात से ही इनमें गिरावट आनी शुरू हो गई। अगले तीन दिनों में सोना गिरकर 1.40 लाख रुपये से नीचे आ गया। चांदी भी गिरकर करीब 2.25 लाख रुपये पर आ गई। कॉपर भी प्रति किलो 1156 रुपये तक गिर गया। कल शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोना 1.55 लाख रुपये, चांदी 2.49 लाख रुपये और कॉपर 1242 रुपये पर बंद हुआ। शुक्रवार को दिन के कारोबार के दौरान सोना 1.49 लाख रुपये, चांदी 2.29 लाख रुपये और कॉपर करीब 1213 रुपये तक गिर गया था। ऐसे में इन 8 दिनों में सोना करीब 23 फीसदी, चांदी करीब 46 फीसदी यानी करीब-करीब आधी और कॉपर करीब 18 फीसदी गिर गया है।
क्यों आ रही सोना चांदी में गिरावट?
सोना-चांदी में गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और मुनाफावसूली है। इन धातुओं में 29 जनवरी की रात से जो गिरावट आई थी, उसका सबसे बड़ा कारण मुनाफावसूली था। वहीं मौजूदा गिरावट अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और फेडरल रिजर्व बैंक के नए चीफ की नियुक्ति है। डॉलर में कारोबार होने वाली कमोडिटीज अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए महंगी हो जाती हैं। ऐसे में वे खरीदारी कम करते हैं। वहीं एमसीएक्स ने कीमती धातुओं के कॉन्ट्रैक्ट्स पर मार्जिन (जमा राशि) को और बढ़ा दिया।
सोना-चांदी में अब क्या करें निवेशक?
विश्लेषकों का कहना है कि चांदी में आई तेज गिरावट ने इसके ऊंचे मूल्यांकन और बढ़ी हुई अस्थिरता को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं। हालांकि, उनका यह भी मानना है कि लंबी अवधि में चांदी की मांग और कीमत के बुनियादी कारक अभी भी मजबूत हैं। जेपी मॉर्गन के निवेश बैंकरों ने चेतावनी दी है कि चांदी के ऊंचे मूल्यांकन के कारण बाजार में तनाव के समय में कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि निकट भविष्य में कीमतों में कुछ स्थिरता आ सकती है और अगले साल रिकवरी की उम्मीद है। बाजार के जानकारों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे एकमुश्त निवेश करने के बजाय किश्तों में निवेश करें। इससे बाजार में प्रवेश के जोखिम को कम किया जा सकता है। पृथ्वी फिनमार्ट के मनोज कुमार जैन ने निवेशकों को सलाह दी कि जब तक बाजार में स्थिरता न लौटे, तब तक कीमती धातुओं के बाजार से दूर रहें।





