
अल्लाह की इबादत का पवित्र महीना रमजान शुरू हो चुका है। आज चांद दिखने के बाद 20 फरवरी से रमजान का आगाज होगा। मौलाना अहमद अली खान रजवी ने बताया कि बुधवार 18 फरवरी को चांद नजर आया है। इसी रात तरावीह की नमाज का आगाज और गुरुवार 19 फरवरी से रोजे की शुरुआत होगी। ईद-उल-फितर मनाई जाएगी।
इस्लामी विद्वानों के अनुसार रमजान हर वर्ष लगभग 10-11 दिन पहले आता है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। करीब 31 वर्षों बाद रमजान का आगमन फरवरी माह में हो रहा है। फरवरी में रोजे पड़ने से सहरी और इफ्तार के बीच का समय अपेक्षाकृत कम रहेगा, जिससे रोजेदारों को शारीरिक रूप से कुछ सहूलियत मिलेगी।
रहमत, मगफिरत व निजात का महीना
मौलाना अहमद अली खान रजवी ने कहा कि रमजान रहमत, मगफिरत और निजात का महीना है। इस महीने में 29 या 30 रोजे रखना हर बालिग मुस्लिम पर फर्ज है। अल्लाह का विशेष करम है कि उसने हमें यह मुबारक महीना अता किया। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह रमजान की बरकतों सभी को नवाजे।
उन्होंने बताया कि रमजान अन्य महीनों की तुलना में अधिक फजीलत रखता है। इस महीने में किए गए नेक अमल का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है। आम तौर पर नेक कामों का सवाब 10 गुना और फर्ज अमल का सवाब 70 गुना तक मिलता है।
1995 में भी फरवरी में शुरू हुआ था रमजान
वर्ष 1993 में 23 फरवरी, 1994 में 12 फरवरी और 1995 में 1 फरवरी को रमजान की शुरुआत हुई थी। इसके बाद अब 19 फरवरी से रमजान शुरू हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष 2030 में एक ही सौर वर्ष में दो बार रमजान पड़ सकता है। पहला रमजान 5 जनवरी 2030 के आसपास शुरू होगा, जबकि दूसरा 26 दिसंबर 2030 के आसपास आरंभ होने की संभावना है। इसी प्रकार वर्ष 2063 में भी एक सौर वर्ष में दो बार रमजान आने की स्थिति बन सकती है।




