Bareilly flood News: उत्तर प्रदेश के बरेली में रिकॉर्डतोड़ बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं. शहर की पॉश और वीआईपी कॉलोनी रेसिडेंसी में भारी जलभराव के चलते लोगों को अपने घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ रहा है. कॉलोनी के करीब डेढ़ सौ घरों में पानी भरने की बात सामने आई है. हालात ऐसे हैं कि लोग अपने परिवार और जरूरी सामान को ट्रैक्टरट्रॉलियों में लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं.

TV9 भारतवर्ष की टीम ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की भयावह स्थिति को जाना. कॉलोनी की सड़कों पर पानी ही पानी नजर आ रहा है. महंगी कारें और दूसरी गाड़ियां भी पानी में फंसी हुई हैं, जिन्हें रेस्क्यू करने की कोशिश की जा रही है. छोटेछोटे बच्चों को ट्रैक्टरों पर बैठाकर परिवार घरों से बाहर निकल रहे हैं. जलभराव के बीच फायर विभाग के दो पंपों की मदद से पानी निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पानी की मात्रा अधिक होने के कारण राहत कार्य बेहद मुश्किल नजर आ रहा है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। कई घरों में पानी घुसने से लोगों का घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ है.

पलायन करने को मजबूर लोग

कॉलोनी में फंसे लोगों का आरोप है कि वे करीब 10 घंटे से जलभराव के बीच फंसे हुए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक पर्याप्त मदद नहीं पहुंची. लोगों का कहना है कि खानेपीने तक की परेशानी हो रही है. कई बार अधिकारियों को फोन करने के बावजूद मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा. एक बुजुर्ग परिवार ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह घर की ऊपरी मंजिल पर फंसे हुए हैं. नीचे पूरा घर पानी से भर गया है और खानेपीने का सामान भी खत्म हो चुका है. परिवार को अब सुरक्षित बाहर निकलने की चिंता सता रही है.

घरों के अंदर भरा पानी

वहीं, रेसिडेंसी कॉलोनी में पिछले तीन साल से रह रहा एक परिवार भी अपना घर छोड़कर गांव जाने को मजबूर हो गया. परिवार के लोग ट्रैक्टरट्रॉली में अपना सामान लादकर बच्चों समेत गांव की ओर रवाना हुए. परिवार का कहना है कि रात से उन्हें चाय तक नसीब नहीं हुई और घर में रखा लगभग पूरा सामान पानी में भीग गया है. लगातार बारिश और जलभराव से लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश भी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार उनसे टैक्स लेती है और बरेली को स्मार्ट सिटी बताया जाता है, लेकिन बारिश के बाद शहर की व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई है. फिलहाल लोगों को सुरक्षित निकालने और जलभराव से राहत दिलाने की चुनौती प्रशासन के सामने बनी हुई है.