ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, हिज़्बुल्लाह के इस्लामिक प्रतिरोध संगठन ने रविवार को इजरायली ठिकानों और सैन्य प्रक्षेपों पर 43 सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी ली है। संगठन का कहना है कि ये हमले कथित युद्धविराम उल्लंघन और लेबनान में इजरायल की लगातार सैन्य गतिविधियों के जवाब में किए गए थे। प्रेस टीवी ने आतंकवादी संगठन के एक बयान का हवाला देते हुए बताया कि इन अभियानों में सीमा के पास स्थित इजरायली सैन्य ठिकानों के साथ-साथ कब्जे वाले क्षेत्रों के अंदरूनी हिस्सों, जिनमें सीरिया के गोलान हाइट्स और उत्तरी इजरायल शामिल हैं, को निशाना बनाया गया।
इन हमलों में गोलान हाइट्स स्थित अल-अलीका बैरक में एक संचार सुविधा पर ड्रोन हमला भी शामिल था, जिसके बारे में संगठन का कहना है कि यह सीधा निशाना था। संगठन ने लेबनान के मैस अल-जबल में एक अस्पताल के पास इजरायली मरकावा टैंक पर ड्रोन हमले की भी जिम्मेदारी ली है। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, समूह ने आगे कहा कि उसने अल-बय्यादा, यारौन और कफ़र युवल सहित क्षेत्रों में इजरायली सैनिकों के जमावड़े पर समन्वित ड्रोन हमले किए, साथ ही किरयात शमोना, नाहरिया और इजरायल के 146वें डिवीजन के मुख्यालय को निशाना बनाकर रॉकेट दागे। हिज़्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में नवस्थापित इजरायली ठिकानों पर गोलाबारी करने और मेरोन हवाई निगरानी अड्डे और रोश पिना के पास फ़िलोन अड्डे जैसी निगरानी और कमान सुविधाओं सहित अन्य सैन्य स्थलों पर हमले करने की भी जिम्मेदारी ली।
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, समूह ने कहा कि रविवार सुबह से देर रात तक अभियान जारी रहे, जिसमें खियाम, बिन्त जबील, तैबेह और ऐता अल-शाब सहित कई सीमावर्ती कस्बों में सैनिकों की आवाजाही और सैन्य जमावड़े को निशाना बनाया गया। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। हिज़्बुल्लाह ने इन हमलों को “लेबनान और उसके लोगों की रक्षा करने का कर्तव्य” बताया और इजरायल द्वारा बार-बार युद्धविराम समझौतों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
उसने चेतावनी दी कि यदि लेबनान के खिलाफ इजरायल-अमेरिकी आक्रामकता जारी रहती है, तो उसके अभियान जारी रहेंगे। प्रेस टीवी द्वारा उद्धृत बयान में कहा गया है, “इस्लामिक प्रतिरोध अपने देश और जनता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।” बयान में आगे कहा गया है कि ये हमले इजरायल द्वारा लगातार किए जा रहे सैन्य तनाव को कम करने के उद्देश्य से किए गए हैं। अल जज़ीरा के अनुसार, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च को इजरायली हमले की शुरुआत के बाद से अब तक लेबनान में कुल 2,055 लोग मारे जा चुके हैं।





