बाराबंकी में हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर अधिवक्ता के साथ मारपीट का मामला अब ‘वकील बनाम वकील’ की जंग में बदल गया है. टोलकर्मियों की जमानत याचिका दाखिल करने वाले एक अधिवक्ता से नाराज सैकड़ों वकीलों ने वकील के बस्ते पर पहुंचकर मेज-कुर्सियां तोड़ दीं और आग लगा दी. वकीलों ने कहा कि सामूहिक फैसले का उल्लंघन करने वाले परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे.

बाराबंकी: टोलकर्मियों की पैरवी करने वाले वकील की साथी वकीलों ने मेज-कुर्सियां फूंकी
बाराबंकी में हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट का मामला अब कचहरी के भीतर ‘वकील बनाम वकील’ की जंग में तब्दील हो गया है. गुरुवार को बाराबंकी जिला न्यायालय परिसर में भारी हंगामा और आगजनी हुई. दरअसल, एक अधिवक्ता द्वारा आरोपी टोलकर्मियों की जमानत याचिका दाखिल करने की बात सामने आई. इससे नाराज सैकड़ों अधिवक्ताओं ने संबंधित वकील के बस्ते पर पहुंचकर मेज और कुर्सियों को आग के हवाले कर दिया.
बता दें कि बीते दिनों हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों ने एक अधिवक्ता के साथ न केवल मारपीट की थी बल्कि घोर अभद्रता भी की थी. इस घटना से आक्रोशित वकीलों ने बड़ा आंदोलन किया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा था. उस समय जिला बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया था कि स्वाभिमान की लड़ाई में कोई भी स्थानीय वकील इन ‘गुंडे’ टोलकर्मियों की पैरवी नहीं करेगा और न ही उनकी जमानत याचिका दाखिल करेगा.
सड़क पर फेंकी गई मेज और कुर्सियां
गुरूवार यानी आज जब अधिवक्ताओं को पता चला कि बार के फैसले को ठेंगा दिखाते हुए अधिवक्ता मनोज शुक्ला ने गुपचुप तरीके से कोर्ट में टोलकर्मियों की जमानत याचिका दाखिल कर दी है तो माहौल गरमा गया. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। देखते ही देखते जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा और अन्य पदाधिकारियों के साथ वकीलों का हुजूम मनोज शुक्ला की मेज पर जा पहुंचा. अधिवक्ता वहां मौजूद नहीं थे, जिसके बाद वकीलों ने उसकी मेज और कुर्सियों को फेंककर उनमें आग लगा दी.
‘फैसले के खिलाफ जाने वाले परिणाम भुगतेंगे’
हंगामे के बीच जिला बार अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा ने साफ लहजे में कहा कि जब पूरे जिले के वकीलों ने एक स्वर में आरोपियों की पैरवी न करने का फैसला लिया था तो मनोज शुक्ला ने निजी स्वार्थ के लिए उस सामूहिक निर्णय का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि यह हमारे साथी के सम्मान से जुड़ा विषय है, जो भी अधिवक्ता बार के फैसलों के खिलाफ जाएगा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. इस दौरान कचहरी परिसर में घंटों वकील एकता के नारे लगते रहे.


