प्रेमी ने फूंक डाला प्रेमिका का प्राइवेट पार्ट, फिर किया ऐसा घिनापा कि…!


हरियाणा के गुरुग्राम में एक प्रेमी ने अपने लिव-इन-पार्टनर के साथ ऐसी अमानवीय कृत्य किया है कि इसे जानकर हर कोई सिहर जा रहा है। युवक ने लड़की के साथ संबंध तो बनाए ही, उसे इस तरह से टॉर्चर किया कि उसके प्राइवेट पार्ट में आग तक लगा दी। पीड़िता इस समय दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

लिव-इन पार्टनर पर गंभीर आरोप
गुरुग्राम के बादशाहपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपी शिवम (नरेला, दिल्ली निवासी) ने कथित तौर पर अपनी लिव-इन पार्टनर के साथ यह अमानवीय कृत्य किया। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। एफआईआर 19 फरवरी 2026 को रात 8:35 बजे दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115, 118(1), 118(2), 127(2), 69 और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर पीड़िता के बयान के आधार पर दर्ज की गई है, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में उसके साथ मारपीट और हिंसा करता रहा।

ऑनलाइन ऐप से हुई थी मुलाकात
पीड़िता मूल रूप से त्रिपुरा की रहने वाली है और गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में रहकर बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी की पढ़ाई कर रही थी। सितंबर 2025 में उसकी मुलाकात एक ऑनलाइन ऐप के जरिए शिवम से हुई। बातचीत के बाद दोनों मिलने लगे और कुछ समय बाद साथ रहने लगे। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का वादा कर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह उस पर शक करने लगा और आए दिन मारपीट करता था।

16 फरवरी की रात
एफआईआर में दर्ज बयान के मुताबिक 16 फरवरी 2026 को आरोपी ने उसे बेरहमी से पीटा। आरोप है कि उसने स्टील की बोतल से सिर पर हमला किया, सिर को दीवार और फर्नीचर से टकराया, मिट्टी के बर्तन से मारा और सैनिटाइजर डालकर निजी अंगों को जलाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, आरोपी ने कथित तौर पर चाकू से उसके पैरों पर हमला किया और धमकी दी कि वह उसे इस कदर अपंग कर देगा कि वह न चल पाएगी और न ही मां बन सकेगी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किए।

मां को फोन कर बचाई जान
18 फरवरी की रात पीड़िता ने किसी तरह आरोपी का फोन इस्तेमाल कर अपनी मां को बंगाली भाषा में पूरी घटना बताई, ताकि आरोपी को समझ न आए। इसके बाद उसकी मां ने 112 पर कॉल किया। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को सेक्टर-10 के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। शुरुआत में डॉक्टरों ने उसे बयान देने के लिए अयोग्य घोषित किया, जिसके बाद उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे बयान देने के लिए फिट घोषित किया, जिसके बाद पुलिस ने उसका विस्तृत बयान दर्ज किया।

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