लैंबोर्गिनी वाले ‘रईसजादे’ को बचाने का प्लान फेल! ड्राइवर के सरेंडर वाली चाल नाकाम, योगी की एंट्री से पलटा खेल

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Lamborghini Accident Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट केस में नया मोड़ आ गया है। हादसे के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके पहले तो फजीहत करवाई, लेकिन अब बिजनेसमैन के बेटे को बचाने की कोशिश करने वाले अधिकारियों पर एक्शन के बाद पुलिस ने मामले में सख्त रुख अपनाया है।

इस मामले में अब बचाव पक्ष की दलीलें पुलिस के सामने कमजोर पड़ती दिख रही हैं, और उन्हें कोर्ट में कोई खास राहत मिलने की उम्मीद कम है। हादसे के बाद आरोपी के बिजनेसमैन पिता शिवम मिश्रा और उनके वकील ने दावा किया कि कार ड्राइवर मोहन चला रहा था। हालांकि, पुलिस ने मोहन को सस्पेक्ट मानने से इनकार कर दिया है।

पुलिस जांच में ड्राइवर मोहन का नाम नहीं

पुलिस का कहना है कि शिवम मिश्रा ड्राइविंग सीट पर था। शिवम का नाम भी केस में जोड़ दिया गया है। कोर्ट ने भी इस केस में डिफेंस की दलील नहीं मानी है। ग्वालटोली पुलिस ने बताया कि उनकी जांच में ड्राइवर मोहन का नाम नहीं आया। इस पुलिस रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने मोहन का सरेंडर स्वीकार नहीं किया है।

क्यों चर्चा में आया लैंबोर्गिनी एक्सीडेंट केस?

कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट केस एक जाने-माने बिजनेसमैन से जुड़े होने की वजह से चर्चा में आ गया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने इस केस को शुरू में लापरवाही से हैंडल किया। एक्सीडेंट का वीडियो फुटेज मिलने के बावजूद, पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। सवाल और आलोचना के बाद सीनियर अधिकारियों ने आरोपीपुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की।

कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा ड्राइवर मोहन

दूसरी तरफ बचाव पक्ष का तर्क है कि शिवम मिश्रा कार नहीं चला रहा था। तंबाकू बिजनेसमैन के ड्राइवर मोहन ने एक हलफनामा जमा किया, जिसमें कहा गया था कि घटना के समय वह गाड़ी चला रहा था। उसे पता चला कि केस दर्ज हो गया है और इसलिए वह सरेंडर करना चाहता था। पुलिस ने बताया कि कार शिवम ही चला रहा था और ड्राइवर मोहन वांटेज नहीं है। जिसके बाद कोर्ट ने उसका सरेंडर ठुकरा दिया और पुलिस से डीटेल्ड रिपोर्ट मांगी है।

लैंबोर्गिनी एक्सीडेंट पर क्या बोले DCP?

कानपुर सेंट्रल डीसीपी अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि उनकी जांच में पता चला है कि शिवम कार चला रहा था। CCTV फुटेज और चश्मदीद गवाहों के बयान भी मौजूद हैं। रिपोर्ट बुधवार को कोर्ट में फाइल की जाएगी। पुलिस इस केस में शिवम को नोटिस भेजकर बुलाने की तैयारी कर रही है।

दूसरी पिटीशन एसीजेएम कोर्ट में तंबाकू बिजनेसमैन के बेटे शिवम कुमार मिश्रा ने फाइल की है। उनका कहना है कि वह कार के मालिक हैं। इससे जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स वैलिड और पूरे हैं। उनकी गाड़ी से कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ है। कार का दरवाजा पब्लिक ने तोड़ा था। इसलिए वह अपनी लेम्बोर्गिनी को रिलीज करने की रिक्वेस्ट करते हैं। इसके बदले में वह सिक्योरिटी और एक श्योरिटी देने को तैयार हैं।

सीएम योगी ने लिया दुर्घटना का संज्ञान

तंबाकू बिजनेसमैन के बेटे शिवम के एक्सीडेंट का मामला सरकार तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नर को मामले में सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसका साफ मतलब है कि पुलिस इस केस को हैंडल करने में कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।

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