
तेहरान। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज चौथा दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन अब इसके लिए बहुत देर हो चुकी है।
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि ईरान का डिफेंस सिस्टम और लीडरशिप लगभग खत्म हो चुका है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि ईरान की एयर डिफेंस, एयर फोर्स और नेवी तबाह हो चुकी है। हालांकि, इससे पहले रविवार को ट्रम्प ने कहा था कि वह ईरानी नेताओं से बातचीत के लिए तैयार हैं।

इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान से बातचीत करेंगे। इसका मकसद मिडिल-ईस्ट देशों पर हो रहे हमलों को रोकना और बढ़ते तनाव को कम करना है।
पुतिन सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने संघर्ष के गंभीर परिणामों को लेकर चिंता जताई।
आईआरजीसी का दावा- ईरानी हमलों में 650 अमेरिकी सैनिक हताहत
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसके ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ अभियान के पहले दो दिनों में 650 से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं। आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नइनी ने कहा कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और नौसैनिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया।

नइनी के अनुसार, बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर कई बार हमले किए गए। उन्होंने दावा किया कि एक हमले में 160 अमेरिकी सैनिक हताहत हुए। साथ ही अमेरिकी नौसेना के एक कॉम्बैट सपोर्ट जहाज को भी भारी नुकसान पहुंचा।
आईआरजीसी ने यह भी कहा कि ईरानी नौसेना ने चाबहार तट से 250 से 300 किलोमीटर दूर तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन पर चार क्रूज मिसाइल दागीं, जिसके बाद विमानवाहक पोत को पीछे हटना पड़ा। अमेरिकी पक्ष की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।





