भारतीय घरेलू शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भी बरकरार है। निवेशकों के भरोसे में हुई बढ़ोतरी और मॉनसून के बेहतर होने की उम्मीदों के कारण बाजार में सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है। विदेशी निवेशकों के रुख में आए बदलाव ने भी इस तेजी को बल दिया है, जिससे बाजार के प्रमुख सूचकांकों में उछाल आया है। शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स ने 300 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक 24,350 के स्तर को पार कर गया।

कारोबार के दौरान सुबह 9.25 बजे सेंसेक्स 282.31 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,046.22 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी प्रकार, निफ्टी में भी 78.25 अंकों या 0.32 प्रतिशत का उछाल देखा गया और यह 24,349.10 के स्तर पर पहुंच गया। मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.23 के स्तर पर लगभग सपाट खुला, जबकि पिछले सत्र में इसका समापन 95.21 पर हुआ था।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 15 शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी दर्ज की गई। एक्सिस बैंक ने इस तेजी में सबसे आगे रहते हुए 2.04 प्रतिशत की बढ़त बनाई। इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक, बीईएल, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो और एसबीआई के शेयरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, इंडिगो, एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर गिरावट के साथ खुले, जो बाजार में मिश्रित रुझान को दर्शाते हैं।
ब्रॉडर मार्केट की स्थिति पर नजर डालें तो निफ्टी मिडकैप में 0.18 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.08 प्रतिशत की बढ़त रही। सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत, निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया क्षेत्र में दबाव दिखा। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में गिरावट देखी गई, जहां ब्रेंट क्रूड 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71.70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
बाजार में जारी यह तेजी घरेलू निवेशकों की सकारात्मक धारणा और मॉनसून की अनुकूल स्थिति पर आधारित है। हालांकि, कुछ प्रमुख शेयरों में गिरावट बाजार की सतर्कता को भी बयां करती है। वर्तमान में बाजार का प्रदर्शन विदेशी निवेश प्रवाह और आर्थिक संकेतकों पर काफी हद तक निर्भर है, जो आने वाले सत्रों में दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निवेशकों के लिए बाजार की यह निरंतर बढ़त एक उम्मीद का संकेत है, जो घरेलू अर्थव्यवस्था के प्रति विश्वास को प्रदर्शित करती है।



